Wednesday, Jan 29, 2020
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कश्मीर में बकरीद के मौके पर पाबंदियों में दी जा सकती है ढील

  • Updated on 8/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र की मोदी सरकार बकरीद के मौके पर कश्मीर घाटी में लोगों को कुछ राहत देते हुए वहां लगी पाबंदियों में ढील दे सकती है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह ढील पूरी तरह से दी जाएगी या फिर आंशिक रूप से।  

बकरीद का त्यौहार 12 अगस्त को मनाया जाएगा। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख--में विभाजित करने के लिए केंद्र सरकार के कदम उठाने से पहले ये पाबंदियां लगाई गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार कश्मीर घाटी में लगाई गई पाबंदियों में कुछ ढील देने की योजनाओं पर काम करने की कोशिश कर रही है, ताकि लोग बकरीद मना सकें। 

हालांकि, ऐसी संभावना है कि सरकार नजरबंद नेताओं --पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती--को तत्काल रिहा नहीं करेगी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही नेताओं को रिहा किया जा सकेगा।  

कश्मीर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी, अजीब सा सन्नाटा
श्रीनगर में आधिकारिक तौर पर कर्फ्यू की घोषणा नहीं है लेकिन हालात कफ्र्यू के समान हैं। शहर में सन्नाटा छाया है,कटीले तारों से जगह जगह बाड़बंदी है, चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस और सेना के जवान बहुत जरूरत पडऩे पर ही लोगों को निकलने दे रहे हैं और वह भी गहन तलाशी के बाद। केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया है और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेश के रूप में बांटने की घोषणा की है। इस बात को दो दिन बीत चुके हैं। 

यहां की जनता घरों के अंदर है,किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए अधिकारियों ने संचार के सभी साधन बंद कर दिए हैं। कफ्र्यू जैसे इन हालात में लोग असमंजस में हैं तो कुछ खौफजदा भी हैं। अधिकारियों ने बताया कि शहर के बाहरी इलाके नूरबाग में कुछ युवा एकत्र हो गए थे जिन्हें सीआरपीएफ के जवानों ने खदेड़ दिया। जवानों से बचने के चक्कर में एक युवक झेलम नदी में कूद गया और डूब गया। 

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में प्रदर्शन हुआ,भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठियां चलाईं गईं जिसमें छह लोग घायल हो गए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने स्थिति की समीक्षा की। एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह शोपियां में कुछ लोगों के साथ खाना खाते दिखाई दे रहे हैं। शहर में केवल उन्हें ही निकलने दिया जा रहा है जिन्हें बेहद जरूरी काम है, वह भी जगह जगह गहन तलाशी के बाद। शहर में सार्वजनिक यातायात बंद होने के कारण लोग हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लेते दिखाई दिए। 

गुडगांव में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले आदिल डार अपने माता-पिता से मिलने यहां आए थे और अब वह वापस दिल्ली लौट रहें हैं। यातायात का कोई साधन नहीं होने के कारण उन्हें श्रीनगर हवाई अड्डे तक 14 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। एक अधिकारी ने बताया कि शहर में धारा 144 लागू है। सभी शिक्षण संस्थान हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती सहित बड़ी संख्या में नेता हिरासत में हैं।
 

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