Sunday, Apr 18, 2021
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केजरीवाल सरकार ने पेश किया परिणाम बजट; शिक्षा, स्वास्थ्य विभागों का प्रदर्शन रहा अव्वल

  • Updated on 3/8/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को राज्य सरकार का परिणाम बजट पेश किया। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण विभाग को बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों में रखा गया है। परिणाम बजट सरकार के विभिन्न विभागों के प्रदर्शन और उनके लिये रखे गये लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में की गई स्थिति की जानकारी देता है। 

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सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा में 2020-21 का परिणाम बजट पेश करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की शुरूआत कोविड-19 महामारी के साथ हुई और इसकी रोकथाम के लिये लगाये गये ‘लॉकडाउन’ से राजस्व संग्रह पर असर पड़ा। इससे प्रगति और उपलब्धियों को लेकर जो लक्ष्य रखा गया था, उस पर प्रतिकूल असर पड़ा है। 

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वित्त वर्ष 2020-21 के परिणाम बजट में प्रमुख सरकारी विभागों की 595 योजनाओं को लेकर 2,113 संकेतकों को शामिल किया गया है। बजट के प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा से जुड़े 84 प्रतिशत संकेतक पटरी पर हैं। इसका मतलब है कि 75 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अन्य विभागों में स्वास्थ्य (80 प्रतिशत), पर्यावरण (79 प्रतिशत), बिजली (75 प्रतिशत) और लोक निर्माण विभाग (73 प्रतिशत) शामिल हैं। 

केजरीवाल सरकार ने शिक्षा पर छात्र खर्च में की बढ़ोतरी: आर्थिक सर्वेक्षण 
दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने शिक्षा पर 2016-17 में सालाना प्रति छात्र खर्च 50,812 रुपये को बढ़ाकर 2020-21 में 78,082 रुपये कर दिया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के दौरान आॢथक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में 5,691 मान्यता प्राप्त स्कूल हैं जिसमें 44.76 लाख छात्र हैं। 

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दिल्ली सरकार के सरकारी और सरकारी मदद प्राप्त 1230 स्कूल हैं। दिल्ली में चल रहे कुल स्कूलों इनकी हिस्सेदारी 21.61 प्रतिशत है। वहीं, कुल स्कूलों के हिसाब से सरकारी और सरकारी मदद प्राप्त स्कूलों में दाखिले की हिस्सेदारी 37.18 प्रतिशत थी। खेल, कला और संस्कृति समेत शिक्षा पर खर्च 2014-15 में 6,555 करोड़ रुपये था जो 2020-21 में 15,102 करोड़ रुपये हो गया। 

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दिल्ली सरकार के कुल बजट में शिक्षा पर खर्च की हिस्सेदारी 2014-15 में 21 प्रतिशत थी जो 2020-21 में 23 प्रतिशत हो गयी। भारतीय रिजर्व बैंक की राज्य बजट विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक 2020-21 में सभी राज्यों के बीच दिल्ली सरकार का शिक्षा क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन 23.2 प्रतिशत था। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘दिल्ली में प्रति साल प्रति छात्र पर खर्च को सरकार ने 2020-21 में 78,082 रुपये कर दिया जो कि 2016-17 में 50,812 रुपये था।’’

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