Sunday, Apr 18, 2021
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kerala assembly session proposal to be brought against agricultural bill pragnt

कृषि कानूनों के खिलाफ केरल विधानसभा का विशेष सत्र, CM पिनराई विजयन ने पेश किया प्रस्ताव

  • Updated on 12/31/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसान संगठनों का आंदोलन 36वें दिन भी जारी है। तीनों कृषि कानून को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार (Modi Government) पर हमलावर हैं। इस बीच केरल (Kerala) के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया है। इस दौरान पिनराई विजयन ने विधानसभा में कहा कि केंद्र के कृषि कानून किसान विरोधी और 'कॉरपोरेट' को फायदा पहुंचाने वाले हैं।

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विधानसभा में सीएम ने कहा, 'वर्तमान स्थिति यह स्पष्ट करती है कि यदि किसानों का आंदोलन जारी रहा, तो यह केरल को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि अगर अन्य राज्यों से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बंद हो जाती है तो केरल में भुखमरी हो जाएगी।'

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कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्‍ताव पेश
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ गुरुवार को विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया और केन्द्र में भाजपा नीत राजग सरकार पर निशाना सााधा। किसानों के मुद्दों पर चर्चा करने और उनके साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए बुलाए गए एक घंटे के विशेष सत्र में यह प्रस्ताव पेश किया गया। विजयन ने प्रस्ताव पेश करते हुए नए कानूनों को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की और कहा कि देश किसानों द्वारा किए इतिहास के अब तक के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक को देख रहा है।

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CM विजयन ने केंद्र पर लगाया आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र के कृषि कानून 'किसान-विरोधी' और 'कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने वाले' हैं। विजयन ने कहा कि प्रदर्शन के अंतिम 35 दिन में कम से कम 32 किसानों की जान गई है। उन्होंने कहा, 'जब लोगों को उनके जीवन को प्रभावित करने वाले किसी मुद्दे को लेकर ङ्क्षचता हो, तब विधानसभाओं की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे इस पर गंभीरता से विचार करे।' उन्होंने कहा कि केन्द्र ऐसे समय पर यह विवादास्पद कानून लेकर आई है, जब कृषि क्षेत्र पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहा है और इसलिए किसानों को ङ्क्षचता है कि वे मौजूदा समर्थन मूल्य का फायदा भी खो देंगे।

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बुजुर्गों और बच्चों को वापस घर भेजने की अपील
बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच बुधवार को विज्ञान भवन में हुई छठे दौर की वार्ता में दो मुद्दों पर आपसी सहमति बन गई। एक विद्युत संशोधन विधेयक 2020 और दूसरा पराली जलाने पर दंड संबंधी पर्यावरण प्रबंधन आयोग अध्यादेश 2020।

एमएसपी खरीद को कानूनी सुरक्षा देने तथा तीनों कानूनों को रद्द करने के मुद्दे पर सरकार ने फिर से समिति गठित करने की पेशकश की है। जिसका किसानों ने फिर विरोध किया। सरकार ने अब इन बाकी मुद्दों पर 4 जनवरी को फिर से बैठक बुलाई है। इस दौरान कृषि मंत्री ने आंदोलन में शामिल बुजुर्गों और बच्चों को वापस घर भेजने की अपील किसानों से की है।

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बहुत ही सुखद वातावरण में हुई वार्ता
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज की बैठक बहुत ही सुखद वातावरण में संपन्न हुई। इससे दोनों पक्षों में अच्छे प्रकार के माहौल का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं ने चार मुद्दे हमारे सामने रखे थे, दो विषयों पर आपसी रजामंदी हो गई है।

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जनवरी को अगले दौर की वार्ता
तोमर ने तीनों कानूनों को रद्द करने और एमएसपी को कानूनी सुरक्षा की किसान संगठनों की मांग पर कहा कि इस पर अभी चर्चा जारी है। 4 जनवरी को अगले दौर की वार्ता में यह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कृषि उपज की एमएसपी तथा बाजार भाव के अंतर के समाधान के लिए समिति गठन की पेशकश की गई है।

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