Friday, May 14, 2021
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kisan agitation farmers hope tractor march to be held on 31st december postponed prshnt

किसान आंदोलन: किसानों में जगी उम्मीद, 31 दिसंबर को होने वाली ट्रैक्टर मार्च फिलहाल स्थगित

  • Updated on 12/31/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नय कृषि कानूनों (New Farm Law) के विरोध में दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन(Farmers Protest) लगातार जारी है। किसान कुंडली बॉर्डर पर सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। सरकार से बातचीत के बाद उम्मीद थी कि किसान नया साल अपने घरों में मनाएंगे लेकिन बातचीत पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। वहीं बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा है और दो कानूनों को सरकार ने रद्द करने का भरोसा दिया है। इससे किसानों में उम्मीद जागी है, और अब किसानों ने भी कदम आगे बढ़ाया है। किसानों ने 31 दिसंबर को होने वाली ट्रैक्टर मार्च को फिलहाल स्थगित कर दिया है।

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ट्रैक्टर रैली हुई स्थगित
किसानों की तरफ से 31 दिसंबर को होने वाली ट्रैक्टर रैली स्थगित कर दी गई है। बैठक में जिस तरह के निर्णय हुए हैं इसकी जानकारी गुरुवार को धरनास्थल पर मौजूद किसानों को दी जाएगी। वहीं किसान नेताओं ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक सरकार के साथ बातचीत में पूरी स्थिति साफ नहीं होगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होने वाला है।

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बुजुर्गों और बच्चों को वापस घर भेजने की अपील
बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच बुधवार को विज्ञान भवन में हुई छठे दौर की वार्ता में दो मुद्दों पर आपसी सहमति बन गई। एक विद्युत संशोधन विधेयक 2020 और दूसरा पराली जलाने पर दंड संबंधी पर्यावरण प्रबंधन आयोग अध्यादेश 2020।

एमएसपी खरीद को कानूनी सुरक्षा देने तथा तीनों कानूनों को रद्द करने के मुद्दे पर सरकार ने फिर से समिति गठित करने की पेशकश की है। जिसका किसानों ने फिर विरोध किया। सरकार ने अब इन बाकी मुद्दों पर 4 जनवरी को फिर से बैठक बुलाई है। इस दौरान कृषि मंत्री ने आंदोलन में शामिल बुजुर्गों और बच्चों को वापस घर भेजने की अपील किसानों से की है।

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बहुत ही सुखद वातावरण में हुई वार्ता
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज की बैठक बहुत ही सुखद वातावरण में संपन्न हुई। इससे दोनों पक्षों में अच्छे प्रकार के माहौल का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं ने चार मुद्दे हमारे सामने रखे थे, दो विषयों पर आपसी रजामंदी हो गई है।

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जनवरी को अगले दौर की वार्ता
तोमर ने तीनों कानूनों को रद्द करने और एमएसपी को कानूनी सुरक्षा की किसान संगठनों की मांग पर कहा कि इस पर अभी चर्चा जारी है। 4 जनवरी को अगले दौर की वार्ता में यह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कृषि उपज की एमएसपी तथा बाजार भाव के अंतर के समाधान के लिए समिति गठन की पेशकश की गई है।

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