Thursday, May 13, 2021
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Kisan agitation NGO is putting bio toilets for women on Singhu border ALBSNT

किसान आंदोलनः एनजीओ सिंघू बार्डर पर लगा रहा है महिलाओं के लिए जैव शौचालय

  • Updated on 1/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसान आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जिससे केंद्र सरकार लगातार असहज होती जा रही है। वहीं बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सिंघू बार्डर पर भारी संख्या में महिलाओं के शामिल को देखते हुए जैव शौचालय की सुविधायें की गई है।

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बता दें कि केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर नवंबर के अंत से विभिन्न राज्यों के किसानों द्वारा शिविर लगाये जाने के कई दिन बाद कई महिला प्रदर्शनकारियों को स्वच्छ शौचालयों एवं स्नान की जगह की सुविधा नहीं मिलने के कारण घर लौटना पड़ा। स्वच्छता के क्षेत्र में काम कर रहे गैर सरकारी संगठन बेसिशिट के संस्थापक अश्विनी अग्रवाल ने कहा कि यह पहली बार है कि हम प्रदर्शन स्थल पर एक परियोजना चला रहे हैं। किसी ने मुझे यहां सड़क की तस्वीर भेजी थी जिसमें कचरा भरा हुआ दिख रहा है। इसलिए हमने सोचा कि हम यहां आएं और कुछ करें।     

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उन्होंने कहा कि हर शौचालय में 10 फुट गहरा गड्ढ़ा होगा तथा बदबू को हटाने के लिए लकड़ी का बुरादा और चारकोट का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे गड्ढे खोदे गये और देशभर से विभिन्न विक्रेताओं से पुनर्चक्रणयोग्य सामग्री सामग्री जुटायी गयी। इस तरह हर शौचालय पर करीब 60 हजार रूपये खर्च आता है। एनजीओ प्रदर्शन स्थल पर पहले से जैव शौचालय लगा रखा है। अग्रवाल ने कहा कि प्रतिदिन करीब 100 महिलाएं और दिव्यांग ऐसे शौचालयों का उपयोग कर रहे हैं। 

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