Friday, Dec 03, 2021
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knocking of new cold war: china tests hypersonic nuclear missile musrnt

नए शीतयुद्ध की दस्तकः चीन ने हाइपरसोनिक न्यूक्लीयर मिसाइल का किया परीक्षण

  • Updated on 10/19/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दुनिया में एक नए शीतयुद्ध ने दस्तक दे दी है। इसके साथ ही जंगी हथियारों की एक नई दौड़ फिर से शुरू होने का खतरा पैदा हो गया है। इस नए शीतयुद्ध की शुरुआत चीन ने नए हाइपरसोनिक न्यूक्लीयर मिसाइल के परीक्षण से कर दी है।

बाइडन प्रशासन इस हथियार की मारक क्षमता से ज्यादा इस बात से हतप्रभ है कि इसने यूएस के सबसे विश्वसनीय समझे जाते अर्ली मिसाइल डिफेंस बेस्ट सिस्टम को पूरी तरह चकमा दे दिया। बाइडन प्रशासन की आर्म्ड सर्विस कमेटी के सदस्य माइक गलघेर ने स्पष्ट कहा है कि अमेरिका को अब चीन के इस कदम पर पूरी आक्रमकता से सोचना होगा।

यदि हम अपने मौजूदा रुख से ही चिपके रहे तो अमेरिका यह नया शीतयुद्ध कम्युनिस्ट चीन से हार जाएगा। जिस रॉकेट से  हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल का परीक्षण किया गया है, उसे चीन ने गत 5 मार्च को अपनी सैन्य परेड में भी प्रदर्शित किया था। इसके बारे में बताया गया था कि यह धरती की सबसे निचली कक्षा में ध्वनि से पांच गुना तेजी से चक्कर काट सकता है।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि यह परीक्षण अमरीका की उस मानसिकता पर चोट है, जिसमें वह खुद को सैन्यरूप से दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानता है।  

‘मिसाइल’नहीं बल्कि हाइपरसोनिक‘वाहन’का परीक्षण किया: चीन

चीन ने सोमवार को कहा कि उसने एक हाइपरसोनिक वाहन का परीक्षण किया है, न कि परमाणु- सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइल का। ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की रविवार की खबर के मुताबिक, चीन ने अगस्त में एक परमाणु- सक्षम मिसाइल का परीक्षण किया, जिसने अपने लक्ष्य की ओर उतरने से पहले पृथ्वी का चक्कर लगाया।

इसमें कहा गया कि इस परीक्षण से खुफिया एजेंसियां भी हैरान हो गई। चीनी सेना ने एक रॉकेट को प्रक्षेपित किया, जिसमें एक हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन था। तीन लोगों द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के अनुसार, मिसाइल लगभग 24 मील दूरी के अंतर से अपने लक्ष्य को भेदने में चूक गई।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक हाइपरसोनिक वाहन का परीक्षण किया गया था। उन्होंने कहा, ‘यह मिसाइल नहीं बल्कि एक वाहन है।’ 

अमेरिका उत्तर से खतरा देखता है चीन दक्षिण से हमला करने में सक्षम
चीन से अमरीका जितना खतरा मानता है, ड्रेगन उससे कहीं आगे निकल गया है। फाइनांसियल टाइम्स ने इंटेलीजेंस सूत्रों के हवाले से इस खबर को ब्रेक किया था की चीन की सेना ने अगस्त में धरती की बिल्कुल निचली कक्षा में हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल का परीक्षण किया था।

अलास्का में अमरीका का अर्ली एंटी ब्लास्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे पकड़ ही नहीं पाया। अमरीका का अलास्का सिस्टम उत्तरी ध्रुव से आने वाले हमले को रोकने में सक्षम है मगर चीन अब दक्षिण ध्रुव की तरफ से भी हमला करने में सक्षम हो गया है।

 

 

 

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