know-10-major-things-of-girish-karnad-life

जानें गिरीश कर्नाड के जीवन की 10 बड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • Updated on 6/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गिरीश कर्नाड के नाटक पौराणिकता और इतिहास का बेजोड़ मिश्रण होते थे लेकिन वे हमेशा समकालीन हकीकत की बात करते थे। वह कोई और नहीं, बल्कि बहुआयामी शख्सियत गिरीश कर्नाड थे, जिन्होंने अपने जीवन और कार्य के माध्यम से अभिव्यक्ति की आजादी और समावेशी भारत के विचार की लड़ाई लड़ी। कर्नाड का सोमवार को 81 वर्ष की उम्र में बेंगलुरू स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। अपने पांच दशक से अधिक के करियर में उन्होंने लेखक, रंगमंच कलाकार, अभिनेता और निर्देशक के रूप में खूब ख्याति अर्जित की।

PM मोदी SCO बैठक में उठा सकते हैं आतंकवाद का मुद्दा 

1.कर्नाड एक मेधावी छात्र थे। उन्होंने गणित में स्नातक की डिग्री ली थी लेकिन उन्होंने कला को अपना कार्यक्षेत्र चुना। 

2.कर्नाड ने अपना पहला नाटक ‘ययाति’ 23 साल की उम्र में 1961 में लिखा था।

3.उन्होंने और थिएटर की चर्चित हस्ती रहे इब्राहिम अल्काजी ने काफी हद तक एक-दूसरे को प्रभावित किया। 

4. वर्ष 1998 में उन्हें साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

5.कन्नड़ नाटक में उनका योगदान हिंदी में मोहन राकेश, मराठी में विजय तेंदुलकर और बंगाली में बादल सरकार के समानांतर है

6. उन्होंने श्याम बेनेगल निर्देशित फिल्म ‘निशांत’ और ‘मंथन’ में भी काम किया

7. एक नाटककार के तौर पर यह उनकी पहचान ही है कि वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों के बारे में कहानियां बुनते समय उन्हें अक्सर देश की समृद्ध पौराणिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जोड़ा जाता है।

8.‘नगा-मंडाला’, ‘ताले-डंडा’, ‘अग्नि मट्टू माले’ और ‘द ड्रीम्स ऑफ टीपू सुल्तान’ शामिल हैं।

9.अपने पांच दशक से अधिक के करियर में उन्होंने लेखक, रंगमंच कलाकार, अभिनेता और निर्देशक के रूप में खूब ख्याति अर्जित की

10. चौदहवीं सदी के दिल्ली के सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक पर आधारित उनका नाटक ‘तुगलक’ र्चिचत मंचनों में शुमार है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.