Monday, Jan 21, 2019

जानिए क्या है खनन घोटाला जिसकी आंच चुनाव से पहले अखिलेश पर डाल सकती है असर

  • Updated on 1/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  हमीरपुर उत्तर प्रदेश में खनन का स्वर्ग माना जाता है। राज्य में फिलहाल हमीरपुर के साथ सोनभद्र में बड़ी मात्रा में अवैध खनन के मामला में हाल ही में सीबीआई ने 12 जगह पर पड़ताल की है। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान गायत्री प्रसाद प्रजापति की सरपरस्ती में ये अवैध खनन घोटाला सौ करोड़ से भी अधिक का था। फिलहाल इस मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम भी घसीटा जा रहा है और माना जा रहा है कि सीबीआई उनसे पूछताछ कर सकती है।

अखिर क्या है ये हमीरपुर खनन घोटाला 

विजय द्विवेदी ने याचिका दायर की थी। होईकोर्ट के मौरंग खदानों पर पूरी चरह से रोक लगाने के बाद जिले में अवैध खनन खुलेआम किया गया। 28 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट ने तमाम शिकायतों और याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। तभी से आज तक इसकी जांच जारी है। इस मामले में  हमीरपुर में डीएम रह चुके भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों बी चंद्रकला के साथ ही संध्या तिवारी और भवनाथ से पूछताछ जारी है। 

सैन्य बल की भावुक मांग हुई पूरी, 60 साल बाद देश को मिला अपना नेशनल वॉर मेमोरियल

2008 में आंध्र प्रदेश की मूलनिवासी बी. चंद्रकला नीरू ने आईएएस परीक्षा पास की थी जिसके बाद उन्हें यूपी काडर में पोस्टिंग दी गई। वह बुलंदशहर, हमीरपुर जैसे कई जिलों की डीएम रह चुकी हैं। चंद्रकला पर आरोप है कि जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। ई टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी चंद्रकला ने इन सभी प्रावधानों की अनदेखी की।

अवैध रूप से जारी मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।  इसके बाद भी यहां बड़ी मात्रा में खनन जारी रखा गया।  हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी किए गए सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित कर उन्हें रद्द कर दिया। इसके बाद भी यहां बड़ी मात्रा में खनन जारी रखा गया। इस दौरान खनन मंत्री गायत्री प्रजापति ने भी जमकर लूट की थी। 

कब सामने आया ये खनन घोटाला
गायत्री प्रजापति अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। इसी दौरान खनन घोटाले के बारे में पता चला था। गायत्री प्रजापति के खिलाफ सौ करोड़ के अवैध खनन के भ्रष्टाचार की लोकायुक्त को शिकायत की गई थी। हमीरपुर जिले में अवैध मौरंग खनन और सिंडीकेट के नेटवर्क से कई सौ करोड़ की वसूली किए जाने के मामले में एमएलसी सहित तमाम मौरंग व्यवसायी सीबीआई के रडार पर आ गए हैं। 

SP-BSP के साथ आने से मजबूत हुआ तीसरा मोर्चा, अधूरा ना रह जाए राहुल का PM बनने का सपना

सीबीआई जांच जारी 

मई 2017 को जिले के बड़े मौरंग कारोबारी और बसपा नेता संजय दीक्षित को तलब किया। संजय दीक्षित को तलब किया। संजय दीक्षित की माता पिता सहित अन्य परिजनों के नाम एक दर्जन खनन के पट्टे थे। इसी के साथ वह सिंडीकेट के भी हिस्सेदार थे। सीबीआई ने करीब तीन घंटे तक उनसे पूछताछ की थी। इसी के साथ जिला पंचायत के अपर मुख्य विकास कार्यों में प्रयोग हुई मौरंग की पूछताछ की गई। फिलहाल सिंडीकेट बैंक इस बात की जड़ खोजने में लगी हुई है कि ये कहां तक फैसली हुई है। फिलहाल इस घोटाले में खनिज मंत्री गायत्री प्रजापति से लेकर अन्य अधिकारी व नेता लपेटे में हैं। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.