Friday, Jan 18, 2019

जानें, 25 साल पहले ऐसा क्या हुआ कि SP-BSP बन गए थे एक- दूसरे के दुश्मन

  • Updated on 1/12/2019

 नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक उठा पटक तेज होने लगी है। राजनीतिक गलियारों में रोज नए गठजोड़ हो रहे है। ये चुनाव पार्टियों के लिए कई मायनों में खास है दरअसल इस चुनाव में सभी पार्टियां बीजेपी का विजय रथ रोकने के लिए अपना पूरा दम लगा रही है। इसी वजहसे आज उत्तर प्रदेश में 25 साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर सपा-बसपा ने गठबंधन कर लिया है।  

76 सीटों पर साथ चुनाव लड़ेगी सपा और बसपा 

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राज्य की 80 सीटों में से 76 पर सपा-बसपा गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली है। 38 सीटों पर सपा और 38 पर बसपा बाकी 4 सीटों में से 2 सीटे कांग्रेस और 2 सीटें अन्य दल के लिए छोड़ दी गई है। इन दोनें के बीच ये गठबंधन 25 साल बाद हुआ है। चलिए जानते है कि आखिर 25 साल पहले ऐसा क्या हुआ था कि इन दोनों पार्टियों के बीच दरार आ गई थी। 

90 का दशक था उस वक्त उत्तर प्रदेश में मंदिर-मस्जिद विवाद के कारण ध्रुवीकरण अपने चरम पर था और ये बात सभी राजनीतिक दल समझ चुके थे। 1993 में राज्य की दो धुरविरोधी पार्टियों सपा और बसपा ने साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया। 

चुनाव में किसी पार्टी को नहीं मिला स्पष्ट बहुमत

इन चुनावों में  किसी भी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसके बाद 4 दिसंबर 1993 में सत्ता की कंमान संभाली गठबंधन ने। सपा और बसपा के गठबंधन के हाथ राज्य की डोर आ गई थी। 

बसपा ने वापस लिया था समर्थन 

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2 जून 1995 में बसपा ने सरकार से किनारा कर अपना समर्थन वापस ले लिया। दोनों पार्टियों का गठबंधन टूट गया और फिर बसपा ने 3 जून 1995 को बीजेपी के साथ मिलकर सत्ता की कमान संभाली लेकिन 2 जून 1995 को प्रदेश की राजनीति में जो हुआ वो इससे पहले नहीं हुआ था। 

उस दिन एक उन्मादी भीड़ बसपा सुप्रीमो मायावती को सबक सिखाने के लिए मायावती की आबरू पर हमला करने के लिए तैयार थी। वो दिन आज तक चर्चा की विषय बना हुआ है। 

आखिर ऐसा क्या हुआ था उस दिन
मायावती के समर्थन वापसी के बाद जब मुलायम सरकार संकट में आ गई तो सत्ता में काबिज रहने के लिए जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हुई। अंत में जहब कोई बात बनती नहीं दिखी तो सपा के नाराज कार्यकर्ता और विधायक वखनऊ के मीराबाई मार्ग स्थित  स्टेट गेस्टहाउस पहुंच गए, जहां मायावती ठहरी हुईं थीं। कहा जाता है कि उस दिन गेस्ट  हाउस के कमरे में बंद बसपा सुप्रीमो के साथ कुछ गुंडों ने बदसलूकी की। 

बसपा का कहना है कि सपा के लोगों ने उस वक्त मायावती के साथ धक्का मुक्की की और फिर मुकदमा भी लिखवाया गया जिसमें कहा गया कि  वो लोग उन्हें जान से मारना चाहते थे। इसी कांड को गेस्टहाउस कांड कहा जाता है।

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