Monday, Jan 21, 2019

सवर्ण आरक्षण: यहां पढ़ें आपके हर सवाल का जवाब,जानें किसे मिलेगा लाभ

  • Updated on 1/8/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।  नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुआ ऐलान किया कि वो सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देंगे। लोकसभा चुनाव से ऐन पहले सरकार द्वारा आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में 10 फीसदी आरक्षण दिया गया।

विपक्ष ने सरकार के इस फैसले को सिर्फ एक चुनावी दांव बताया है। इस बिल को लेकर जहां विपक्ष इसे हाथी के दांत बता रही है वहीं आम जनता के बीच भी सरकार के इस फैसले को लेकर काफी असमंजस है। आपके मन में भी कई ऐसे सवाल होंगे चलिए जानते है... 

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-सवर्णों को आरक्षण क्या किसी के हिस्से से दिया जा रहा है? 

 मोदी सरकार ने गरीब सवर्णों को जो 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है वो किसी के हिस्सा से नहीं दिया जा रहा है। दरअसल जो अभी तक 50 फीसदी आरक्षण दिया जाता था उससे अलग होगा। हमारे संविधान में प्रावनधान है 50 फीसदी आरक्षण का। ये समाज के पिछड़े तबके को दिया जाता है। यानी सरकार ने सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला इससे अलग दिया है। इसके लिए सरकार संविधान में संसोधन करेगी तभी जाकर ये मुमकिन हो पाएगा। 

- संविधान में जब नहीं कोई प्रावधान तो कैसे मिलेगा आरक्षण? 

केंद्र सरकार इस फैसले पर अमल करने के लिए संविधान में संसोधन करेगी। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव किया जाएगा। इन दोनों  में बदलाव करने के बाद ही आर्थिक आरक्षण के आधार का रास्ता साफ हो जाएगा। 

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-किन सवर्णों को मिलेगा आरक्षण ? 

सभी के जहन में ये सवाल है कि क्या ये आरक्षण सिर्फ हिंदु सवर्णों को ही मिलेगा? दरअसल इस फैसला का लाभ सिर्फ हिंदु सवर्णों को नहीं बल्कि मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोगों को भी मिलेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई मुस्लिम सामान्य श्रेणी में आता है और वह आर्थिक रुप से कमजोर है तो उसे 10 फीसदी आरक्षण का फायदा मिलेगा। 

-क्या होगा पटेल, जाट और मराठा आरक्षण?

मोदी सरकार ने ये फैसला सुनाते हुए कुछ शर्ते भी लागू कर दी है। इस फैसले से इन सभी को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि ये जाती भी सवर्ण के अंतर्गत आती हैं। ऐसे में इन सभी जातियों को भी आर्थिक आधार पर  10 फीसदी का लाभ मिलेगा। 

-क्या कोर्ट से मिल पाएगी इसे अनुमति?
हमारे संविधान को मुताबिक देखा जाए तो सामाजिक असमानता के आधार पर दिया जाता है यानी आर्थिक आधार पर मिलने वाला आरक्षण गैर संविधानिक है। कई राज्य सरकारों ने तो आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की है, लेकिन जब मामला कोर्ट में जाता है तो गैर संविधानिक होने के आधार पर खारिज कर दिया गया है। अब केंद्र के सामने संविधान में संशोधन करने की चुनौती होगी। 

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- किस तरह की नौकरियों में मिलेगा आरक्षण?

मोदी सरकार का ये लाभ सरकारी नौकरियों आर शिक्षा के क्षेत्र में मिलेगा। सरकार का ये फैसला पूरे देश में लागू किया जाएगा। जिस भी क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान है उन सभी में ये आरक्षण दिया जाएगा। उसमें केंद्र-राज्य और निगम की नौकरी में इस फैसले का लाभ सीधे तौर पर मिलेगा। 

- क्या राज्य सरकार भी दे सकेगी आरक्षण?

पिछले काफी समय से देखे तो जब भी आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की है तो हर बार  कोर्ट ने उसे गैरकानूनी करार दिया है। यदि अब केंद्र संविधान में संशोधन  करती है तो फिर राज्य सरकारों के लिए 50 फीसदी से अलग आरक्षण देने का रास्ता खुल जाएगा।  

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