Friday, Dec 09, 2022
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know everything about agnipath scheme

सेना में 4 साल के लिए भर्ती होंगे युवा, जानें Agnipath scheme के बारे में सबकुछ

  • Updated on 6/14/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत सरकार ने मंगलवार को सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए एक नई ‘अग्निपथ योजना’ का ऐलान किया। इसके तहत बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च को कम करने के लिए संविदा के आधार पर अल्पकाल के लिए सैनिकों की भर्ती की जएगी, जिन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा।

सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीएस) की बैठक में नई योजना को मंजूरी मिल जाने के थोड़ी देर बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया के समक्ष इसका ऐलान किया। सिंह ने कहा, ‘अग्निपथ भर्ती योजना एक क्रांतिकारी पहल है जो सशस्त्र बलों को एक युवा ‘प्रोफाइल’ पहचान करेगी।’ सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा, ‘अग्निपथ योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में भर्ती में आमूल-चूल परिवर्तन लाना है।’

भर्ती प्रक्रिया में आमूल-चूल बदलाव से सैनिकों की भर्ती शुरू में चार साल की अवधि के लिए होगी, लेकिन उनमें से कुछ को बरकरार रखा जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘अग्निपथ योजना के तहत भारतीय युवाओं को सशस्त्र बलों में ‘अग्निवीर’ के रूप में सेवा देने का अवसर प्रदान किया जाएगा।’

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि यह योजना सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए व्यापक प्रतिभा संचय सुनिश्चित करेगी। ‘अग्निपथ’ योजना, जिसे पहले ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ नाम दिया गया था, का आरंभ तीनों सेनाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में किया गया।

 

पिछले दो साल में इस पर व्यापक विचार- विमर्श के बाद नई योजना की घोषणा की गई। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। वर्तमान में सेना 10 साल के शुरुआती कार्यकाल के लिए ‘शॉर्ट र्सिवस कमीशन’ के तहत युवाओं की भर्ती करती है, जिसे 14 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

नई योजना का उद्देश्य तीनों सेवाओं के वेतन और पेंशन खर्च को कम करना है, जो तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2022-23 के लिए 5,25,166 करोड़ रुपये के रक्षा बजट में रक्षा पेंशन के लिए 1,19,696 करोड़ रुपये शामिल हैं। राजस्व व्यय के लिए 2,33,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। राजस्व व्यय में वेतन के भुगतान और प्रतिष्ठानों के रख- रखाव पर खर्च शामिल है।

सेना में युवा कम समय के लिए भर्ती हो सकेंगे
अग्निपथ एंट्री स्‍कीम के तहत सैनिकों को अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा, जिसके बाद रक्षा बलों के पास उनमें से कुछ को सेवा में रखने का विकल्प होगा। इस स्कीम के तहत देश की तीनों सेनाओं- थल सेना, वायु सेना और नौसेना में नए रूप में प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा।

इस योजना के तहत तीन-चार साल के अंत में, अधिकांश सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाएगा और उन्हें आगे के रोजगार के अवसरों के लिए सशस्त्र बलों से सहायता मिलेगी। कॉरपोरेट कंपनियां ऐसे प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं के लिए नौकरी आरक्षित करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

इसके अलावा सेना में 25 फीसदी जवान बने रह पाएंगे जो निपुण और सक्षम होंगे। हालांकि, ये भी तभी संभव रहेगा अगर उस समय सेना में भर्तियां निकलीं हों। इस प्रोजेक्ट की वजह सेना को करोड़ों रुपए की बचत भी हो सकती है। एक तरफ पेंशन कम लोगों को देनी पड़ेगी तो वहीं दूसरी तरफ वेतन में भी बचत हो जाएगी।

कॉरपोरेट कंपनियों में काम कर सकेंगे युवा
अग्निवीरों के बीच से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को सेना में रखा जाएगा और बाकी को नागरिक नौकरियों के लिए छोड़ने का विकल्प मिलेगा। सैन्य प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी पर रखने के लिए कॉरपोरेट घराने अभी से सरकार के संपर्क में हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक वर्तमान में रक्षा बलों में 1.25 लाख रिक्तियां उपलब्ध हैं।

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