Monday, May 16, 2022
-->
know-everything-about-prime-minister-jan-arogya-yojana-ayushman-bharat-pmjay

जानें क्या है आयुष्मान भारत योजना, इन 5 पांच राज्यों को नहीं होगा फायदा

  • Updated on 9/24/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई)- आयुष्मान भारत की शुरुआत की और इसे ‘गरीबों की सेवा के लिए एक अभूतपूर्व कदम बताया।’ ‘पीएमजेएवाई-आयुष्मान भारत दुनिया में सबसे बड़ी सरकार प्रायोजित स्वास्थ्य योजना है। अगर आप अमरीका, कनाडा और मैक्सिको, इन तीनों देशों की आबादी को भी जोड़ दें, तो उनकी कुल संख्या इस योजना के लाभार्थियों की संख्या के करीब ही होगी।

क्या है प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना - आयुष्मान भारत
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत डेढ़ लाख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ ऐंड वेलनेस सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा। ये सेंटर जांच से लेकर इलाज और दवाई तक मुहैया कराएंगे। इसमें देश के 10.74 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सालाना 5 लाख रुपए का कवर दिया जाएगा। 

  • योजना से जुड़े राज्य के व्यक्ति को दूसरे राज्यों में भी मिलेगा लाभ
  • कैंसर, दिल, गुर्दे, लीवर, मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज
  • पांच लाख तक के खर्च में अस्पताल में भर्ती होना, जांच, दवाई, भर्ती से पहले का खर्च और इलाज पूरा होने तक का खर्च शामिल 
  • पहले से किसी बीमारी का भी खर्च इस योजना द्वारा उठाया जाएगा
  • सरकारी ही नहीं बल्कि अनेक प्राइवेट अस्पतालों में भी होगा इलाज

PM मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे दिल्लीवासी, जानें क्यों

केंद्र और राज्य सरकारें उठाएंगी खर्चा
इस योजना पर होने वाले खर्च को केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उठाएंगी। पी.एम.जे.ए.वाई. पर आने वाले खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी और 40 प्रतिशत भार राज्य सरकारों पर पड़ेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में इस योजना की वजह से केंद्र पर 3500 करोड़ का भार पडऩे का अनुमान है। 2018-19 के बजट में केंद्र इस मद में 2000 करोड़ रुपए की टोकन मनी उपलब्ध करा चुका है।

क्या है पात्रता का आधार
2011 की जनगणना में गरीब के तौर पर चिन्हित किए गए सभी लोगों को इसके लिए पात्र माना गया है। इसका मतलब यह भी है कि अगर कोई शख्स 2011 के बाद गरीब हुआ है तो वह इसके फायदे से वंचित हो जाएगा।  

आरोग्य मित्रों की होगी अहम भूमिका
नैशनल हैल्थ एजैंसी ने 14,000 आरोग्य मित्रों को अस्पतालों में तैनात किया है। इनके पास मरीजों की पहचान सत्यापित करने और उन्हें इलाज के दौरान मदद करने का काम होगा। लाभाॢथयों के वैरीफिकेशन में इन आरोग्य मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके अलावा किसी भी पूछताछ और समस्याओं के समाधान के लिए भी मरीज इन लोगों से संपर्क कर सकेंगे।

पंजाब समेत 5 राज्यों में नहीं होगी लागू
दिल्ली, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तेलंगाना और पंजाब ने अभी इस योजना के लिए केंद्र के साथ मैमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर दस्तखत नहीं किए हैं।   

राजनाथ ने की आयुष्मान योजना की तारीफ, गरीबों के लिए बताया मोदी कवच

2 लाख को मिलेगा रोजगार
एक मीडिया रिपोर्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस योजना के तहत 5 साल में दो लाख नौकरियां सृजित होंगी। ये नौकरियां अस्पताल, बीमा कंपनियों, कॉल सेंटर और रिसर्च क्षेत्र में निकलेंगी। सरकारी और निजी अस्पतालों में सीधे तौर पर एक लाख आयुष्मान मित्र तैनात किए जाएंगे। 

पूरे देश में 2300 वेलनेस सेंटर
प्रधानमंत्री ने यहां पर 10 वेलनेस-सेंटर्स का भी शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि अब झारखंड में करीब 40 ऐसे सेंटर्स काम कर रहे हैं और देशभर में इनकी संख्या 2300 तक पहुंच चुकी है। मोदी ने जोर दिया कि अगले 4 वर्षों में देशभर में ऐसे डेढ़ लाख सेंटर्स तैयार करने का लक्ष्य है। उन्होंने राज्य के चाईबासा और कोडरमा में दो मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला भी रखी।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.