Saturday, Mar 23, 2019

ये महाशिवरात्रि है बहुत खास, इस विधि से पूजन कर दूर करें कष्ट

  • Updated on 3/4/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व है। शिव भक्त साल भर  शिवरात्रि का इंतजार करते हैं। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव को फल-फूल अर्पित करते हैं और शिवलिंग पर दूध व जल अर्पित करते हैं। इस बार महाशिवरात्रि का पावन पर्व विशेष योग में पड़ने जा रहा है, जो भक्तों की हर मनोकामना को पूर्ण कर देगा।

देवाधिदेव महादेव के सबसे प्रिय दिन यानी सोमवार को महाशिवरात्रि पड़ रहा है। लिहाजा, इस शिवरात्रि का महत्व कई गुना बढ़ गया है।

चार मार्च को बरसों बाद आ रहा महाशिवरात्रि का 'महायोग'

करीब 3 साल बाद सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि का जलाभिषेक शिवालय में किया जाएगा जिसका संपूर्ण लाभ सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, जीवन में खुशहाली सहित सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला होगा।

फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी यानी चार मार्च को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि श्रवण नक्षत्र में होने के कारण भक्तों के लिए विशेष फलदायी योग बना रहा है।

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शुभ मुहूर्त
मुहूर्त आरंभ:- 4 मार्च 2019 शाम 4 बजकर 28 मिनट से
मुहूर्त समाप्त:- 5 मार्च 2019 सुबह 7 बजकर 7 मिनट पर

पूजा विधि
शिवरात्रि पर व्रत को कोई सख्त नियम नहीं है। इस व्रत को आसानी से कोई भी रख सकता है। व्रत रखने वाले स्त्री या पुरुष को सबसे पहले सुबह नहाकर भगवान शिव की विधिवत पूजा करें। पूजा करते वक्त इन चीजों को अपनी सामग्री में जरुर शामिल करें।

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शिव लिंग के अभिषेक के लिए दूध , पानी और शहद की बूंदे अवश्य मिलाएं। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर सिंदूर लगाए। इसके बाद धूप और दीपक जलाकर बेलपत्र और पान के पत्ते चढ़ाएं। आखिर में अनाज और फल चढ़ाएं। पूजा संपन्न होने तक ओम नम: शिवाय का जाप करते रहें।

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