Thursday, Feb 27, 2020
know how sharjil imam was caught

जानें, कैसे पकड़ा गया शर्जील इमाम

  • Updated on 1/29/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। डीसीपी राजेश देव ने शर्जील इमाम (Sharjeel Imam) को गिरफ्तार किए जाने की पूरी कहानी बताई कि कैसे बिहार पुलिस के सहयोग से 26 जनवरी से ही तमाम जगहों पर छापे मारे जा रहे थे। शर्जील की तलाश में पटना और शहानाबाद पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम ने उसके भाई मुजमिल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके आधार पर शर्जील को मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे उसके गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने उस पर आईपीसी (IPC) की धारा 124 (कानून द्वारा स्थापित सरकार के खिलाफ असंतोष को बढ़ाना), 153 (धार्मिक ग्रुपों के बीच दुश्मनी पैदा करना) और 505 (सार्वजनिक रूप से उपद्रव पैदा करने वाला बयान देना) लगाई गई हैं। पुलिस का दावा है कि सरकार के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए गए, जो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो गए। इन भाषणों में समाज के विभिन्न धार्मिक वर्गों में अलगाव पैदा हो सकता था। ये भारत की एकता और अखंडता के बीच को नुकसान पहुंचाने वाले थे। डीसीपी देव ने बताया कि सारा खुलासा शर्जील को रिमांड में लेने के बाद हो पाएगा। 

असम को काट देना हमारी जिम्मेदारी
शर्जील को एक वीडियो (Video) में कहते सुना गया...अगर पांच लाख लोग संगठित हो जाएं तो हम पूर्वोत्तर और भारत को स्थाई तौर पर काट सकते हैं। अगर ऐसा नहीं तो कम से कम एक महीने या आधे महीने के लिए ही सही। रेल पटरियों और सड़कों पर इतना मवाद डाल दो कि वायु सेना को इसे साफ करने में एक महीना लग जाए।’’ शर्जील ने वीडियो में कहा ‘‘असम को (शेष भारत से) काटना हमारी जिम्मेदारी है, तभी वे (सरकार) हमारी बात सुनेंगे। हम असम में मुसलमानों की स्थिति जानते हैं। उन्हें डिटेंशन कैंपों में रखा जा रहा है।’’ 

उसने कहा था, शहर बंद कीजिए 
इसी तरह दूसरे वीडियो में वह कहते नजर आ रहा है कि हमारी ख्वाहिश और आरजू है कि दिल्ली में चक्का जाम हो, दिल्ली ही नहीं पूरी दुनिया में चक्का जाम हो जिस शहर में मुसलमान कर सकता है। वह आगे कहता है कि मुसलमान हिंदुस्तान के कई शहरों में चक्का जाम कर सकता है। क्या मुसलमानों में इतनी हैसियत नहीं कि उत्तर भारत के शहरों को बंद किया जा सके। आगे कहा कि यूपी के शहरों में मुसलमानों की आबादी 30 फीसदी है। अरे भाई शर्म करो। 30 फीसदी के ऊपर हो, तो शहर चल क्यों रहा है। हिंदुस्तान का मुसलमान शहर में रहता है, शहरी है, शहर बंद कीजिए। इसके बाद ही जामिया में 15 दिसम्बर को प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर जमकर उपद्रव करते हुए पुलिस पर पत्थरबाजी और बसों में आगजनी की थी।

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