Tuesday, Apr 07, 2020
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त्याग, क्षमा, मेल-मिलाप और सहायता की याद दिलाता है 'गुड फ्राइडे'

  • Updated on 4/19/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गुड फ्राइडे (Good Friday) ईसाई (Christian) धर्म के लोगों के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन प्रेम, ज्ञान व अहिंसा का संदेश देने वाले प्रभु यीशू (Jesus Christ) को सूली पर चढ़ाया गया था प्रभु यीशू ने मानवता की भलाई और उनकी रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था इस साल गुड फ्राइडे 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है।

आज के दिन दुनियाभर के ईसाई गुड फ्राइडे का त्योहार मना रहे हैं। इस मौके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी ट्वीट कर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। ‘गुड फ्राइडे’ ईसाई धर्म के लोगों के बीच मनाये जाने वाला एक ऐसा त्‍योहार है जिसे ‘शोक दिवस’ (Mourning day) के रूप में मनाया जाता हैं। 

क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे
ईसाई धर्म के अनुसार, ईसा मसीह परमेश्वर के बेटे हैं और उन्‍हें अज्ञानता के अंधकार को दूर करने के लिए मृत्‍यु दंड दिया गया। उस वक्‍त यहूदियों के कट्टरपंथी धर्मगुरुओं ने यीशु का पुरजोर विरोध किया था। ऐसे में कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए पिलातुस ने यीशु को क्रॉस पर लटकाकर जान से मारने का आदेश दे दिया था लेकिन अपने हत्‍यारों की उपेक्षा करने के बजाए यीशु ने उनके लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि 'हे ईश्‍वर! इन्‍हें क्षमा कर क्‍योंकि ये नहीं जानते कि ये क्‍या कर रहे हैं।

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मान्यता है कि प्रभु यीशु ने ही ईसाई धर्म की स्थापना की थी और जिस दिन ईसा मसीह को क्रॉस पर लटकाया गया था उस दिन फ्राइडे यानी कि शुक्रवार था। तब से उस दिन को गुड फ्राइडे कहा जाने लगा। ईसाई धर्म ग्रंथों के मुताबिक यीशु को बिना गलती के क्रॉस मार्क पर लटका दिया गया और उनपर कई तरह से यातनाएं की गईं ये दिन शुक्रवार यानी फ्राइडे का था इसलिए इसे गुड फ्राइडे नाम दिया गया गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता है। इस दिन चर्च में प्रभु यीशु के उपदेश को सुना जाता है।

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मौत के 3 बाद हो उठे थे जीवित

बताया जाता है कि प्रभु यीशू अपनी मौत के दिन 3 बाद जीवित हो उठे थे और अपने अनुयायियों से मिले थे। जिस दिन वह जीवित हुए थे, उस दिन रविवार था इसलिए रविवार को ईस्टर के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। ईसाई समुदाय के ज्यादातर लोग इस दिन काले कपड़े पहनकर अपना शोक व्यक्त करते हैं। प्रभु यीशू से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। चर्च जाकर प्रभु यीशू से प्रार्थना करते हैं।

गुड फ्राइडे को प्रभु यीशू द्वारा मानवता की भलाई के लिए दिए गए बलिदान के रूप में देखा जाता है। गुड फ्राइडे के दिन ईसाई समुदाय के लोग प्रसाद स्वरूप गर्म मीठी रोटियां भी खाते हैं। इस दिन लोग चर्च में घंटे नहीं बजाते हैं बल्कि प्रभु यीशू से एक विशेष प्रार्थना की जाती है।

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ईसाई समुदाय के लोग ईसा मसीह की कृतज्ञता को व्यक्त करते हुए 40 दिन का उपवास रखते हैं और कुछ लोग शुक्रवार को ही उपवास रखते हैं, जो लेंट कहलाता है। साथ ही रात के समय कहीं-कहीं ईसाई समुदाय के लोगों को काले कपड़े पहनकर प्रभु यीशू की मूर्ति को लेकर पद यात्रा निकालते हुए देखा जाता हैं।

इस दिन बाइबल में उल्लेख किया गया है कि एक विद्वान ने ईसा से पूछा हे गुरुवर, अनन्त जीवन प्राप्त करने के लिए मुझे क्या करना होगा?  ईसा ने उससे कहा ईश्वर को अपने हृदय, आत्मा और सारी शक्ति से प्यार करो और अपने पड़ोसी को अपने समान प्यार करो। तब उस व्यक्ति ने एक और प्रश्न किया, लेकिन मेरा पड़ोसी कौन है? ईसा ने कहा किसी भी समय वह जरूरतमंद और लाचार व्यक्ति जो तुम्हारे सामने है वही तुम्हारा पड़ोसी है।

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