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#FriendshipDay2019: इतिहास के पन्नों में दर्ज है इनकी दोस्ती के किस्से

  • Updated on 8/4/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दोस्ती हर इंसान की जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास है। यह एक ऐसा रिश्ता है जो कई मायनों में खास होता है। इस रिश्ते को सेलिब्रेट करने का दिन आ गया है। आज फ्रेंडशिप डे है, वो दिन जब लोग अपने सच्चे दोस्तों को याद करते हैं। फ्रेंडशिप डे के मौके पर हम आपको मिलवाते हैं ऐसे कुछ दोस्ती के रिश्तों से, जिनका नाम इतिहास में दर्ज हैं। 


कृष्ण-सुदामा

कृष्ण धनवान और सुदामा गरीब ब्राहम्ण। सुदामा उम्र में बड़े- कृष्ण उनसे छोटे। दोनों ने एक साथ सांदीपनी मुनि के आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद दोनों अलग-अलग हो गए।

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जब सुदामा को अपनी विपन्नता में कृष्ण की याद आई तब तक कृष्ण द्वारिकाधिश हो चुके थे, लेकिन जिस तरह कृष्ण ने सुदामा को अपनी बचपन की दोस्ती का सिला दिया, वो इस बात को सिद्ध करता है कि दोस्ती में कोई दीवार नहीं होती।


अकबर-बीरबल 
बादशाह अकबर और उनके मंत्री बीरबल की दोस्ती भी काफी मशहूर है। बीरबल मुगल बादशाह के नवरत्नों में सर्वाधिक लोकप्रिय दरबारी थे। अकबर उनपर बहुत भरोसा करते थे और वे बीरबल के गुणों के कायल थे।

Navodayatimesबीरबल भी अकबर को बहुत सम्मान दिया करते थे। बीरबल गरीब, पर बुद्धिमान थे। अपनी बुद्धिमानी और समझदारी के कारण ही वे अकबर के खास रहे। जब वे अकबर बादशाह की सेवा में पहुंचे, तब अपनी चतुराई और हंसोडपन से बादशाही मजलिस के मुसाहिबों और मुख्य लोगों के चहेते बन गए। 


भगवान राम और सुग्रीव की दोस्ती

सीता जी का हरण हो जाने पर भगवान श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण के साथ उन्हें खोजते हुए ऋष्यमूक पर्वत पर आए। जहां श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता हुई। मित्रता को निभाते हुए भगवान श्रीराम ने बाली का वध करके सुग्रीव को किष्किन्धा का राजा बनाया।

Navodayatimesऐसे ही सुग्रीव ने भी अपनी मित्रता का परिचय देते हुए असंख्य वानरों को सीता माता की खोज में भेजा। सुग्रीव ने अपनी वानरी सेना के साथ शौर्य का प्रदर्शन कर एक सच्चे मित्र धर्म का पालन किया। 

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