Saturday, Jul 24, 2021
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know the reason for the dispute between india and nepal albsnt

आखिर नेपाल से बेटी-रोटी का रिश्ता क्यों होता जा रहा छत्तीस का, जानें विवाद की वजह

  • Updated on 6/29/2020

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। भारत और नेपाल के बीच विवाद सिर्फ नक्शा को लेकर ही नहीं है बल्कि तटबंध निर्माण को लेकर भी आपत्ति जताकर दोनों देशों के आमजनों को भी हैरत में डाल दिया है। विशेषज्ञों की मानें तो नेपाल फिलहाल चीन के इशारे पर काम करते हुए भारत के लिये मुश्किलें पैदा कर रहा है। हालांकि यह भी सच है कि दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी रोटी-बेटी संबंध पर भी ब्रेक लगता नजर आ रहा है।

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बता दें कि नेपाल एक तरफ लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को अपना हिस्सा बताते हुए अपनी पीठ खूब थपथपाई है। तो दूसरी तरफ बिहार से सटे नेपाल के सीमा पर लालबकेया नदी पर तटबंध निर्माण पर ही आपत्ति जताई है। जिससे एक बार फिर दोनों देशों के बीच रिश्ता छत्तीस का हो गया है। जिस कारण आनन-फानन में 99 फीसदी संपन्न कार्य को ब्रेक लगाना पड़ा। हालांकि यह विवाद सिर्फ पिलर के हट जाने के कारण पैदा हुआ है। हालांकि अब जब तक नया सर्वे नहीं होगा तब तक विवाद खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।

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यहीं नहीं नेपाल सरकार भारत विरोधी मानसिकता महज नक्शा विवाद और तटबंध के निर्माण को रोक कर ही नहीं रखा बल्कि रोटी-बेटी के संबंध को ही खत्म करने पर तुल गया है। इसके लिये नेपाल सरकार ने तय किया है कि भारतीय लड़की से शादी करना अब आसान नहीं होगा। बल्कि अब भारतीय लड़की जब नेपाल के दुल्हा से शादी करेगी तो उसे 7 साल बाद नागरिकता मिलेगी। इसे नेपाल की तरफ से भारत के खिलाफ दो देशों के आमजनों के बीच रिश्ता खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण हस्तक्षेप बताया जा रहा है।

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वहीं बिहार के लालबकेया नदी पर तटबंध रोके जाने पर को लेकर नेपाल ने कहा है कि भारत ने  'नो मैंस लैंड' पर यह तटबंध का निर्माण कराया है। यह  निर्माण भारत ने पिलर 346/6 से पिलर 346/7 के बीच कराया है। लालबकेया नदी पर 2.5 किमी का तटबंध है। नेपाल का कहना है कि इस तटबंध में दो चैनल भारत को बनाने है। लेकिन भारत ने यह चैनल नहीं बनाया। भारत का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान यह चैनल बनाना कठिन था। इसलिये यह कार्य नहीं हो सका। लेकिन इस विवाद को खत्म किया जा सकता था। लेकिन मंशा नेपाल की कुछ और ही है।  

 


 

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