Thursday, Aug 16, 2018

हरियाली और शनि अमावस्या साथ, दुर्भाग्य को दूर करने के लिए करें ये उपाय

  • Updated on 8/11/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या हरियाली अमावस के नाम से भी जानी जाती है, जो इस बार शानिवार यानि 11 अगस्त को पड़ रही है। शानिवार के दिन पड़ने की वजह से इस अमावस्या को शनिश्चरी अमावस्या या शनि अमावस्या  भी कहा गया है। शनि अमावस्या और हरियाली अमावस्या का बन रहा है ये संयोग एक दुर्लभ संयोग है, क्योंकि सावन के महीने में शनिवार के दिन हर साल अमावस्या तिथि नहीं लगती इस शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है जो इसके महत्व को कई गुणा बढ़ा रहा है।

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अच्छी बात यह है कि यह ग्रहण में नहीं दिखेगा, जिससे आपको सूतक के कारण पूजा-पाठ में किसी तरह की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा बल्कि इस अवसर पर आप शनि दोष, ग्रहण दोष और पितृ दोष जैसे अशुभ फल देने वाले ग्रह स्थितियों के प्रभाव से मुक्ति के उपाय कर सकते हैं। 

अगर आप शनि भगवान को प्रसन्न करना चाहते हैं तो रोज इस मंत्र का जाप करें। इसके लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें फिर शनि देव की मूर्ति की विधि-विधान से पूजा करें। इसके बाद रुद्राक्ष की माला से इसे मंत्र का जाप करें।

ओम शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरिभिस्त्रवन्तु न:।
ओम ऐं श्रीशनैश्चराय नम:।

इस दिन पीपल की पूजा करना अति फलदायक होता है। अगर आपकी कुंडली में शनि दोष है तो पीपल की पूजा करें, क्योंकि पीपल में भगवान विष्णु का स्थान माना जाता है। शनिवार के दिन सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें फिर सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद पीपल के पेड़ के पास जाकर उसके जड़ पर चंदन, केसर, पुष्प और चावल मिलाकर जल चढ़ाए और कुछ जल को बचा ले, जिसे घर ले जाकर छिड़क दें। इसके बाद घर में तेल का दीपक जलाकर इस मंत्र का जाप करें। 

आयु:  प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्।
देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरण गत:।।
विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमों नम:।

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