Sunday, May 26, 2019

जानिए क्या है अनुच्छेद 324, जिसके आधार पर प. बंगाल में पहले रुका चुनाव प्रचार

  • Updated on 5/16/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल में 19 मई को होने वाले अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार पर चुनाव आयोग ने बुधवार को पर गुरुवार रात 10 बजे के बाद से रोक लगा दी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब अनुच्छेद 324 का उपयोग किया गया है। पहले चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम पांच बजे समाप्त होना था लेकिन पश्चिम बंगाल में समय से पहले ही चुनाव आयोग द्वारा इस पर रोक लगा दी गई है।

बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ की गई बैठक में चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। बता दें कि बैठक में चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय समिति ने हिस्सा लिया था। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने संभवतः पहली बार अनुच्छेद 324 का उपयोग करते हुए प्रचार रोकने का निर्णय लिया है साथ ही अधिकारियों का यह भी कहना था कि यह मौका भले पहला हो लेकिन अंतिम नहीं है क्योंकि कानून के उल्लंघन और हिंसा को देखते हुए और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए ऐसे फैसले आगे भी लिए जाने कि संभावना हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि ‘देश के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब आयोग को चुनावी हिंसा के मद्देनजर किसी चुनाव में निर्धारित अवधि से पहले चुनाव प्रचार रोकना करना पड़ा हो।’

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आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को होने वाले मतदान में पश्चिम बंगाल की नौ सीटें भी शामिल हैं। पूर्व निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इस चरण के मतदान से 48 घंटे पहले, 17 मई को शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार थमना था। लेकिन पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का हवाला देते हुए आयोग ने राज्य में निर्धारित अवधि से एक दिन पहले, 16 मई को रात दस बजे से किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार रोकने का फैसला लिया है।

चंद्रभूषण कुमार बयान देते हुए कहा कि मंगलवार को कोलकाता में समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चुनाव आयोग ने गंभीर नाराजगी जताते हुए यह कार्रवाई की है, यह संभवत: पहला मौका है जब चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत इस तरह की कार्रवाई करनी पड़ी हो।’

हालात को देखते हुए बंगाल में आईएएस अधिकारी (रिटा.) अजय नायक को विशेष पर्यवेक्षक और पुलिस सेवा के रिटायर अधिकारी विवेक दुबे को विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने आईपीएस अधिकारी और पश्चिम बंगाल सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को सेवा मुक्त कर केंद्रीय गृह मंत्रालय भेज दिया है। उन्हें 16 मई को सुबह दस बजे तक मंत्रालय को रिपोर्ट करने को कहा गया है। पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को भी हटा कर उनका प्रभार राज्य के मुख्य सचिव को सौंपने का आदेश दिया गया है।

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बुधवार को केंद्रीय पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे ने कहा था कि बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसक झड़प के मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई है। मंगलवार को यहां पथराव, तोड़फोड़, बंगाल के समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने और गाड़ियों को आग लगाने की सूचनाएं मिलीं है। दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव आयोग कॉलेज स्ट्रीट पर हिंसा के मामले में उचित कदम उठाएगा, उन्होंने कहा कि इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज हुई हैं।

कलकत्ता यूनिवर्सिटी कैंपस और विद्यासागर कॉलेज में मंगलवार को अमित शाह कि रैली को दौरान तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई और बीजेपी के कार्यकताओं के बीच हिंसक झड़पें हो गई थी। झड़प के दौरान तीन बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया और दोनों ही तरफ से कई लोगों को गंभीर चोट आई है।

 

 

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