Friday, Sep 30, 2022
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GHMC में BJP को बढ़तः ओवैसी के गढ़ में BJP के लिए हैदराबाद की लड़ाई क्यों है अहम?

  • Updated on 12/4/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बीच ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव (GHMC) में हुई कड़ी टक्कर के नतीजे आ चुके हैं शुरूआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त मिल रही है। इन चुनावों में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के साथ ही कांग्रेस, तेलूगु देसम पार्टी (TDP), सीपीएम (CPM) भी मैदान में रही हैं।

लेकिन इस चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। बीजेपी ने स्थानीय निकाय के चुनाव में अपनी पूरी स्टार प्रचारक फौज प्रचार के लिए उतार दी। यहां अमित शाह से लेकर योगी आदित्यनाथ तक रैलियां करते दिखाई दिए। लेकिन ऐसा क्या है जो महज स्थानीय निकाय के चुनाव में बीजेपी इतनी मेहनत कर रही है।  

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दरअसल, बिहार चुनाव में ओवैसी वोटकटवा कहे गए जिसके बाद ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने भी काफी जोश में आ को उनके घर यानी हैदराबाद में हराने को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को चैलेंज दे दिया था। जिसे पूरा करने के लिए बीजेपी ने हैदराबाद के स्थानीय चुनाव में पीएम मोदी से लेकर पार्टी के राष्ट्रीरय अध्यीक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्य्मंत्री योगी आदित्यानाथ को इस चुनाव में प्रचार करते दिखाई दिए थे।

इस बारे में राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो बीजेपी इस चुनाव के माध्यम से मोहम्मद असदुद्दीन औवेसी को उनके ही घर में हराने की कोशिश में है जिससे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन एआईएमआईएम अपने ही गढ़ में कमजोर हो जाए और बीजेपी के लिए आगे का रास्ता आसान हो जाए।

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बीजेपी को लग रहा है कि कर्नाटक के बाद तेलंगाना में वो अपनी ताकत बढ़ा सकते हैं और इसके लिए उस राज्य में जीतना जरूरी होगा। बीजेपी इस बात को लेकर भी गौर फरमा रहा है कि बाईट लोकसभा चुनाव में उन्हें बड़े ही आराम से चार सीट मिल गईं थीं। पार्टी का मानना है कि अगर उस समय मेहनत की गए होती तो उन्हें ज्यादा सीटें मिल सकती थीं।

एक तरफ कांग्रेस की हालत खराब है और दूसरी तरह ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम जिस तरह से अपने पैर पसार रही है वो बीजेपी जैसी हिंदुत्व विचारधारा वाली पार्टी के लिए पचाना मुमकिन नहीं है। दरअसल, बीजेपी मानती है कि एआईएमआईएम का दूसरे राज्यों में जगह बनाना देशहित में नहीं है। इसलिए इसे रोकना जरूरी है।

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बीजेपी मान कर चल रही है कि अगर उनकी पार्टी ने एआईएमआईएम को हैदराबाद में हरा दिया तो बीजेपी को राज्यों के हिसाब से बड़ी बढ़त मिल सकती है और मिल रहे रूझानों को देखते हुए लग रहा है कि बीजेपी को अपनी मेहनत में कामयाबी मिल सकती है।

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