Tuesday, Jan 18, 2022
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जानें रावण को क्यों कहा जाता है दशानन ... बुराई पर अच्छाई की जीत से क्या हैं संदेश

  • Updated on 10/15/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कहा जाता है कि आज ही के दिन भगवान राम ने रावण को मार कर लंका पर विजय हासिल  की थी। तबसे विजयादशमी देश ही नहीं विदेशों में भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। रावण वध हम सबको बुराई पर अच्छाई की जीत की भी याद दिलाता है। यानी असत्य पर सत्य की जीत के तौर पर भी सांकेतिक तौर पर रावण,कुंभकरण और मेघनाद के पुतले दहन करके एक संदेश समाज में देने की कोशिश होती है। 

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रावण जिसे शक्तिशाली,बलशाली राजा जाना जाता है। वहीं कई किताबों में लंका को तो सोने की लंका तक कहा गया। कहा जाता है कि रावण के 10 सिर थे। जिस कारण उन्हें दशानन भी कहा गया। इसलिये जब रावण का पुतला दहन किया जाता है तो रावण के दस सिर दर्शाये जाते है। रावण के बारे में एक तथ्य और भी सामने है कि वे भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे। यहां तक कि रावण नाम भी भगवान शिव ही ने दिये थे।

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 जब राम के तीर से रावण मैदान में गिरते है तो लक्ष्मण को उसके पास भेजा जाता है। दरअसल रावण जरुर अहंकारी थे, लेकिन वे एक विद्वान,चारों वेदों के ज्ञाता भी थे। भगवान राम ने इसलिये रावण से ज्ञान लेने लक्ष्मण को भेजा। रावण ने भी लक्ष्मण को सफलता को लेकर ज्ञान दिये। 

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