Wednesday, Oct 20, 2021
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Know why the central government had to take a decision to increase lockdown again ALBSNT

जानें आखिर केंद्र सरकार को फिर Lockdown बढ़ाने का फैसला क्यों लेना पड़ा?

  • Updated on 5/30/2020

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन (Lockdown) 5 पर मोहर लगा दी है। देश में 30 जून तक अब लॉकडाउन लागू रहेगा। लेकिन केंद्र सरकार ने जनता को बड़ी राहत की भी घोषणा की है। जिसमें चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन में छूट देने की बात भी कही है। इस दौरान पहले चरण में 8 जून से रेस्टोरेंट, धार्मिक स्थल, सैलून खुलेंगे। लेकिन इसके लिये सशर्त पालन करना होगा। 

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पहली बार 25 मार्च को लागू हुआ था लॉकडाउन

देश में पहली बार कोरोना वायरस से उपजे संकट से लड़ने के लिये आनन-फानन में 24 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन लागू करने की बात कही थी। जिसके बाद 25 मार्च से लगातार लॉकडाउन जारी है। हालांकि पीएम मोदी ने 22 मार्च को ही जनता कर्फ्यू लागू करके जनता का समर्थन मांगा था।

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अचानक मार्च के अंत में आया उछाल

लेकिन देश यह मानकर घरों में कैद होना मुनासिब समझा कि 14 अप्रैल तक कोरोना वायरस के संक्रमण खत्म हो जाएंगे। तो फिर से एक बार सबकुछ पटरी पर वापस दोड़ने लगेगा। लेकिन इन मंसूबों पर तब पानी फिर गया जब 31 मार्च को ही निजामुद्दीन स्थित मरकज में उपस्थित तबलीगी जमातियों को निकालना शुरु किया तो अचानक संक्रमण में पहली बार उछाल आया। लेकिन तब तक बहुत ही देरी हो चुकी थी। कारण इस जमात में शामिल होने देश के अलग-अलग प्रदेश और यहां तक कि विदेशों से भी लोग हिस्सा लिये थे। इऩ लोगों ने दिल्ली से विभिन्न प्रदेशों में अपने घर वापस लौट चुके थे। दुर्भाग्य से जिन राज्यों में यह जमाती वापस गए वहां तेजी से संक्रमण में बढ़ोतरी हुई। उसके बाद फिर केंद्र सरकार को दूसरी बार 14 अप्रैल से 3 मई तक लॉकडाउन को बढ़ाना पड़ा। लेकिन इस लॉकडाउन1 और लॉकडाउन 2 में किसी तरह की छूट देश की जनता को नहीं दिया गया। मतलब सड़कों पर सिर्फ गाड़ियों के सायरन की आवाज सुना जाना एक आम बात हो गई थी।

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प्रवासी मजदूरों की समस्या आई सामने

इसके वाबजूद जब लॉकडाउन के दोनों चरण में प्रवासी मजदूरों की समस्या देश के सामने विकराल रुप में आई। वे लोग किसी भी कीमत पर अपने घर वापस जाने पर अड़े थे। जिसकी एक बानगी देश ने तब देखा जब दिल्ली के आनंद विहार और मुंबई,सूरत आदि शहरों में प्रवासी मजदूरों ने जमकर हंगामा खड़ा किया। एक तरफ रोजगार छीन जाने के बाद सड़कों पर आने के लिये यह बेबस मजदूरों का दर्द लोगों ने सोशल मीडिया और मीडिया पर आम घटनाएं के तौर पर सामने आने लगी। जिससे संबंधित राज्य सरकार की शेल्टर होम की कलई भी खुल गई। उसके बाद सड़कों पर लोगों का पैदल ही अपने राज्य वापस जाने का रैला दिखने लगा।

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1 मई से दौड़ रही है ट्रेनें

उसके बाद केंद्र सरकार को मजबूरन 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलानी पड़ी। लेकिन यहां भी सीमित लोगों को जांच के बाद ही जाने की इजाजत मिली। और यह सिलसिला तीसरे और चौथे लॉकडाउन यानी 4 मई से 18 मई फिर 18 मई बाद भी घर जाने की लोगों में होड़ लगी हुई है। उधर 12 मई से स्पेशल एसी ट्रेने भी चली है। ताकि लोगों को घर जाने के लिये किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं 1 जून से नॉन एसी 200 ट्रेनें भी चलेगी। जबकि 25 मई से देश में घरेलू विमानों को भी उड़ान भरने की इजाजत मिल गई है। दूसरी तरफ कुल संक्रमितों की संख्या देश भर में 1 लाख 75,000 के करीब पहुंच गई है। वहीं 5,000 लगभग लोगों की मौत के बाद केंद्र सरकार को फिर से लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा है। 

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