Saturday, Jul 31, 2021
-->
known everything about black fungus kmbsnt

कोरोना मरीजों पर Black Fungus का काला साया! जानें इसके बारे में सबकुछ

  • Updated on 5/15/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ब्लैक फंगस या म्यूको माइकोसिस इन दिनों कोरोना से रिकवर हो चुके लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है। महाराष्ट्र में इसके 2 हजार से ज्यादा मरीज पाए गए हैं। महाराष्ट्र में इससे अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों में इसके मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं अब राजधानी दिल्ली में भी इसके मामले तेजी से सामने आने लगे हैं। दिल्ली के एम्स और सर गंगाराम अस्पताल में ब्लैक फंगस के कुल 29 मरीज भर्ती हैं। आइए जानते हैं कि क्या है ब्लैक फंगस और ये किन लोगों को अधिक प्रभावित करता है। 

ब्लैक फंगस म्यूकॉर्माइसेट्स नामक मोल्ड्स के एक समूह के कारण होता है। जो पूरे प्राकृतिक वातावरण में पाए जाते हैं। यह अक्सर साइनस, फेफड़े, त्वचा और मस्तिष्क को प्रभावित करता है। यह मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है जो अन्य बीमारियों के लिए दवा ले रहे हैं। ये फंगस विशेष रूप से शुगर के मरीजों को अधिक प्रभावित करता है।

black fungus

पहले से किसी अन्य बीमारी के कारण दवा ले रहे मरीजों में पर्यावरणीय रोगजनकों से लड़ने की उनकी क्षमता कम होती है। ऐसे व्यक्तियों के साइनस या फेफड़े हवा के जरिए फंगल बीजाणुओं के अंदर जाने के बाद प्रभावित हो जाते हैं। इसके लक्षणों में मुख्यत:बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस फूलना, खून की उल्टी और बदली हुई मानसिक स्थिति शामिल हैं।

दिल्ली: कोरोना से रिकवर हो चुके लोगों पर ब्लैक फंगस का प्रहार, 29 मरीज भर्ती

कोरोना मरीजों को ज्यादा प्रभावित क्यों कर रहा ब्लैक फंगस
जिन लोगों का शुगर कंट्रोल से बाहर होता है ऐसे कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस के संक्रमण का अधिक जोखिम होता है।  ऐसे मरीजों का इलाज स्टेरॉयड के जरिए किया जाता है, जो आगे रोगप्रतिरोधक क्षमता से समझौता करता है। भारत में डॉक्टरों का मानना ​​है कि स्टेरॉयड जो गंभीर और गंभीर रूप से बीमार कोविड -19 रोगियों के लिए जीवन रक्षक उपचार के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं, म्यूकोर्मिकोसिस के लिए ट्रिगर साबित हो सकते हैं।

स्टेरॉयड फेफड़ों में सूजन को कम करने में मदद करते हैं, ये प्रतिरक्षा को कम कर सकते हैं और शुगर रोगियों और गैर-मधुमेह कोविड -19 रोगियों दोनों में समान रूप से ब्लग शुगर के स्तर को बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक आईसीयू में रहने वाले मरीजों को भी ब्लैक फंगस का खतरा अधिक होता है।

black fungus

महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में दी ‘ब्लैक फंगस’ संक्रमण ने दस्तक

ब्लैक फंगस का शिकार होने से ऐसे बचें

  • म्यूको माइकोसिस जैसे खरनाक ब्लैक फंगस से बचने के लिए  कोविड -19 रोगियों को नियमित रूप से अपनी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के उपाय करने चाहिए।
  • शुगर के मरीजों को भी अपने ब्लड शुगर के स्तर की निगरानी करनी चाहिए।
  • वहीं डॉक्टरों को एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल और स्टेरॉयड का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।
  • अस्पतालों को ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान ह्यूमिडिफायर के लिए स्वच्छ, स्टेराइल पानी का उपयोग करना चाहिए।
  • डॉक्टरों को ब्लैक फंगस चेतावनी संकेत और लक्षणों को मरीजों में तुरंत पहचानकर बिना समय गंवाए उपचार शुरू करना चाहिए।
  • धूल भरे निर्माण स्थलों पर मास्क का प्रयोग करना चाहिए।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.