ladakh: indian, chinese soldiers engage in face-off near pangong

पूर्वी लद्दाख में भारत- चीन के सैनिक फिर आमने सामने, हुई गरमागरम बहस

  • Updated on 9/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पूर्वी लद्दाख में पेंगोंग त्सो झील के नजदीक बुधवार को भारत और चीन के सैनिकों के बीच गरमागरम बहस हुई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इलाके में भारतीय सैनिकों की गश्त पर चीन के सैनिकों ने आपत्ति जताई जिसके बाद यह बहस हुई।

सैन्य सूत्रों के मुताबिक इस घटना का कारण भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर भिन्न भिन्न नजरिया है।हालांकि इस मसले को बुधवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान सुलझा लिया गया।

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इससे पहले, चीनी जवानों ने छह जुलाई को दलाई लामा के जन्मदिवस के मौके पर कुछ तिब्बतियों द्वारा तिब्बती झंडे फहराए जाने के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार की । इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए सैन्य प्रमुख बिपिन रावत ने कहा, ‘चीनी अपनी मानी जाने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा पर आते हैं और गश्त करते हैं... हम उन्हें रोकते हैं। कई बार स्थानीय स्तर पर जश्न समारोह होते हैं। डेमचोक सेक्टर में हमारी ओर तिब्बती जश्न मना रहे थे। इसके आधार पर, कुछ चीनी यह देखने आए कि क्या हो रहा है, लेकिन कोई घुसपैठ नहीं हुई। सब सामान्य है।’

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चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि वे जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के लद्दाख (Ladakh) में पूर्वी डेमचोक इलाके में 6 किलोमीटर अंदर तक घुसपैठ की और अपना झंडा फहराया।

घुसपैठ से भारत पर दबाव बढ़ाना चाहता है चीन 
चीन इस तरह की गतिविधि को अंजाम देकर भारत पर दबाव बढ़ाना चाहता है, ताकि अगर कभी बातचीत हो तो उस समय इस क्षेत्र पर अपना दावा किया जा सके। चीन यह कह सकता है कि वहां चीन का झंडा है और उसका टैंट है, ऐसे में यह इलाका उसका है।

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