Tuesday, Feb 25, 2020
Lalus unique move of Lal Prataps family in Bihar

बिहार में लालू परिवार के लाल तेज प्रताप की अनोखी चाल

  • Updated on 7/30/2019

नई दिल्ली/ कुमार आलोक भास्कर।  देश में जब कभी-भी राजनीति की बात होगी तो बिहार का नाम सबसे पहले आयेगा। फिर वो राजनीतिक समझ को लेकर हो या फिर फैमिली पॉलिटिक्स का ड्रामा हो। ऐसे ही एक परिवार के मुखिया है लालू प्रसाद यादव जो किसी परिचय के मोहताज तो हैं नहीं।

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किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं तेज प्रताप

हालांकि अब उनके बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी भी पिता की तरह सबके लिए परिचित हो गए है। भले ही तेज और तेजस्वी अपने पिता से राजनीतिक गुर न सीख सके हो लेकिन नौटंकी करना तो मानो इस परिवार का पहला हक माना जाता है, उसमें जरुर माहिर है। तेज और तेजस्वी दोनों का मतलब लगभग एक ही होता है। लालू-राबड़ी ने दोनों पुत्र के गुण को पहले ही देख लिया होगा तभी तो गुणी नाम रखे है।   

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लालू और राजद दोनों हाशिये पर

खैर लालू और उनकी बपौती पार्टी राजद दोनों भले ही बिहार की राजनीति में हाशिये पर हो लेकिन उनके पुत्र तेज प्रताप यादव के तेज और प्रताप से शायद ही कोई अनभिज्ञ होगा। हां हम तेज प्रताप की बात कर रहे है, जो इस राजनीतिक जगत के नए अवतारी है। वहीं तेज जिसने बाबा बैधनाथ के दर्शन करने देवघर पहुंचे तो एक नए अवतार में, कृष्ण के दर्शन करने पहुंचे मथुरा तो अलग रुप में, कभी गाय चराते चरवाहा के स्वरुप में, गांधी मैदान में फूंकने लगे शंख तो ऐसे जैसे कि महाभारत का युद्धे का जयघोष कर रहे है। 

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लोकसभा में एक भी सीट नहीं जीत सकी राजद

यानी तेज प्रताप अपने पिता के राजनीतिक विरासत संभालने से ज्यादा गैर राजनीति में ज्यादा मशगूल रहते है। हां लोकसभा चुनाव में जरुर छोटे भाई तेजस्वी को लालू स्टाइल में याद दिलाना नहीं भूले कि देखो 'हम तुम्हरे बड़े भाई है, बुरबक कहीं का। हमसे बिना पूछे टिकट बांट दिया। अरे 2-4 सीट तो हमरे लिए छोड़ दिया होता।' फिर वहीं हुआ जो अक्सर होता है घर लड़े, गंवार लूटे। लोकसभा के 40 सीट पर जीत का दावा कर रही राजद खाता भी नहीं खोल सकी।  

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कहीं भोले बाबा तो कहीं कृष्ण के अवतार में

इतना ही नहीं तेज प्रताप यादव अपनी पत्नी को छोड़ने में 1 मिनट की देरी भी नहीं लगाया। तेज अड़ गए कि तलाक देना है तो देना है। फिर परिवार की फजीहत कराते रहे, लेकिन वे बैपरवाह कभी मथुरा तो कभी रांची घूमते रहे। अगर आपको कहीं भोले बाबा के रुप में तेज प्रताप दिख जाए तो आश्चर्य नहीं किजीएगा। फिर अगले दिन कृष्ण के अवतार में कहीं दिखे तो भी दूर से सलाम कर लिजीएगा। जिस तरह कोई डेली ड्रेस बदलता है वैसे ही तेज प्रताप रोज गेट-अप बदलते है।

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बिहार के पब्लिक के लिए है मैसेज

शायद वे बिहार के समझदार पब्लिक को मैसेज देना चाहते है कि भगवान सब एक ही है यानी कि ईश्वर एक है। बस गैट अप वे भी उनके तरह बदलते रहते है। अब देखना है कि आगे हनुमान की तरह अवतार में आखिर कब तेज प्रताप कौन-सी लंका में आग लगाते है। वो लंका भी लंबे समय तक चर्चा में रहेगी जिसमें तेज आग लगाएंगे।          

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