Tuesday, Nov 30, 2021
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भूमि मुआवजा : टिकैत ने प्रदर्शनकारी किसानों से कलेक्ट्रेट व GDA का घेराव करने को कहा

  • Updated on 11/24/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को प्रदर्शनकारी किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी भूमि का बढ़ा हुआ मुआवाजा देने की मांग को लेकर कलेक्टरेट और गाकायिाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के दफ्तर का घेराव करें। 

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बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने भी उनसे घेराव के दौरान‘हमारा जिला, हमारा कलेक्ट्रेट’का नारा लगाने का आग्रह किया। किसान अपनी कृषि भूमि का बढ़ा हुआ मुआवजा पाने के लिए विरोध कर रहे हैं, जिसका 2007 में जीडीए ने मदुबन बापूधाम आवास योजना के लिए अधिग्रहण किया गया था। टिकैत ने आंदोलन कर रहे किसानों से अन्य मांगों के साथ तीन कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने का आग्रह किया। 

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सदरपुर, मैनापुर, नंगला, दुहाई और मोर्टा के छह गांवों के 200 से अधिक किसान 2017 से सदरपुर के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने 2008 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार, उन्होंने नवंबर 2017 में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत ने याचिका दायर करने वाले किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने का आदेश दिया। उत्तर प्रदेश के बीकेयू उपाध्यक्ष राजबीर सिंह ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के बाद भी प्राधिकरण ने मुआवजा नहीं दिया है। 

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उन्होंने कहा कि 1,100 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजे की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि लगभग 280 एकड़ भूमि के किसानों या मालिकों ने पिछली दरों के हिसाब से मुआवजा स्वीकार नहीं किया है और नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार अपनी कृषि भूमि की कीमत की मांग की है। सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी तय करेंगे कि किस दिन वे कलेक्ट्रेट या जीडीए कार्यालय का घेराव करेंगे। 

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