Sunday, Nov 28, 2021
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literature is the best way to know two countries: rabbani

दो देशों को जानने का सबसे अच्छा तरीका है साहित्य : रब्बानी

  • Updated on 10/6/2021

 

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दो देशों को जानने का सबसे अच्छा तरीका साहित्य ही है। विभिन्न देशों के बीच यह संवाद का सबसे बेहतर और सुंदर रास्ता है। इससे ही हम एक दूसरे के नजदीक आकर एकता का सेतु बनाते हैं। यह बात बुधवार को साहित्य अकादमी परिसर में साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक ईरानी कविताएं को लोकार्पण समारोह में ईरान कल्चर हाउस के सांस्कृतिक परामर्शदाता मो. अली रब्बानी ने कही। उन्होंने ईरान और भारत के बीच दो हजार साल पुराने अनुवाद के रिश्ते को याद करते हुए आशा व्यक्त की कि यह सिलसिला आगे भी कायम रहेगा।

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भारत और ईरान के प्राचीन सांस्कृतिक संबंध हैं 
साहित्य अकादमी सचिव के. श्रीनिवासराव ने इस मौके पर कहा कि भारत और ईरान के प्राचीन सांस्कृतिक संबंध हैं और दोनों ही संस्कृतियों में कविता को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। सही मायनों में दोनों देश कविताओं के ही देश हैं। साहित्य अकादमी इस तरह के परस्पर अनुवाद की शृंखला को आगे भी जारी रखेगी। जेएनयू प्रो. अख्लाक आहन ने पुस्तक के बारे में कहा कि इसमें 100 साल की ईरानी शायरी का प्रतिनिधि रूप प्रस्तुत किया गया है।

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शास्त्रीय और आधुनिक ईरानी कविता के 99 शायरों को चुना गया है 
इसमें 99 शायरों को चुना गया है। इस संकलन में हम शास्त्रीय ईरानी कविता से लेकर आधुनिक ईरानी कविता के अलग-अलग मिजाजों को पढ़ सकते हैं। इस मौके पर अनुवाद विभाग तेहरान की निदेशक सईदा हुसैनजानी ने कविता की जरूरत और अनुवाद विभाग, तेहरान द्वारा किए जा रहे प्रमुख प्रयासों की चर्चा की।-साहित्य अकादमी ने आधुनिक ईरानी कविताएं पुस्तक का किया लोकार्पण
 

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