Thursday, Aug 11, 2022
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lodhi garden decorated with tulip flowers on arrival of spring

बसंत के आगमन पर ट्यूलिप फूलों से कुछ ऐसे सजा लोधी गार्डन

  • Updated on 2/23/2020

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। सोचिए ऐतिहासिक कहानियों को कहतीं लाल बलूआ पत्थरों से बनी बड़ी-बड़ी इमारतें हैं जिनके बीच बैठे आप फव्वारों और सुंदर फूलों को निहार रहे हैं। हम बात किसी फिल्मी सीन की नहीं बल्कि दिल्ली (Delhi) में बेहद खूबसूरत उद्यानों में शामिल लोधी गार्डेन (Lodhi Garden) की कर रहे हैं। जोकि बसंत में ट्यूलिप सहित कई विदेशी फूलों से सज चुका है। यही वजह है कि यहां विदेशी सैलानी भी आजकल काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस उद्यान की देख-रेख की जिम्मेदारी नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् (एनडीएमसी) के पास है जोकि इसकी सुंदरता बढ़ाने में निरंतर प्रयासरत रहती है।

बता दें कि लोधी गार्डेन एक ऐसा परफेक्ट पिकनिक पॉइंट है। जहां आपको 15वीं व 16वीं शताब्दी की लोधी वंश व सैयद वंश द्वारा बनवाई गई ऐतिहासिक इमारतों के साथ ही प्रकृति के नजदीक रहने की भी खुशी मिलेगी। इस पूरे लोधी गार्डेन की खूबसूरती को बढ़ाने की जिम्मेदारी एनडीएमसी के उद्यान विभाग के पास है। उद्यान विभाग के डायरेक्टर एस. चिलैया ने बताया कि इस गार्डेन की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए लाल, पीले, नारंगी, जामुनी सहित कई रंगों में ट्यूलिप के फूल हॉलैंड से मंगाकर लगाए हैं। बीच-बीच में गार्डेन को सुंदर लुक देने के लिए दिल के आकार का फ्लावर गेट बनाया गया है।

Lodhi Garden,

कुछ ऐसे सजा है पूरा गार्डन
इसके अलावा कई प्रकार के विदेशी फूल कैलेंडुला, कोरिएपसिस, साल्विया, डवारफ, डेडेंस, पैट्यूनिया, पेन्जी, डैफ्रोमोटिका, डेलियॉज, लिन्म, एटिनम, लेडीज पर्स, स्वीट विलियम, होलीहक, लैक्स व स्ट्रॉक्स भी इस गार्डेन की शोभा बढ़ा रहे हैं। बता दें कि इस गार्डेन का ब्रिटिश काल के दौरान नाम लेडी विलिंग्डन गार्डेन था। जिसके बीचों-बीच में लोधी वंश के मकबरे हैं। इस गार्डेन में जहां फव्वारे, तालाब और जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है, जिससे लोग आमतौर पर यहां मार्निंग वॉक करते दिख जाते हैं। 

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रोज व बटर लाई गार्डेन
लोधी गार्डेन में आपको जहां फूलों के राजा गुलाब की भी 200 वेरायटी देखने को मिल जाएगी। वहीं यहां बनाए गए बटर फ्लाई गार्डेन में रंग-बिरंगी तितलियां उड़ते हुए देखी जा सकती हैं। यहां एक नेशनल बोजाई पार्क भी है। बता दें कि यह उद्यान क्षेत्र करीब 90 एकड़ में फैला हुआ है। 

Lodhi Garden

जाने क्या है लोधी गार्डेन का इतिहास  
इस उद्यान के बीच में दिल्ली सल्तनत काल के कई प्राचीन स्मारकों जैसे मुहम्मद शाह का मकबरा, सिकंदर लोदी का मकबरा, शीश गुबंद, बड़ा गुंबद व अठपुला को देखा जा सकता है जिसे सैयद व लोधी वंश द्वारा बनवाया गया था। लोधी वंश ने उत्तरी भारत और पंजाब के कुछ भू-भाग पर और पाकिस्तान में वर्ष 1451 से 1526 तक शासन किया था।

Lodhi Garden

इन ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किया जा रहा है। यह उद्यान मूल रूप से गांव था, जिसे 15वीं से 16वीं शताब्दी के दौरान सैयद व लोधी वंश द्वारा बसाया गया था, लेकिन अंग्रेजों ने साल 1936 में इसे दोबारा बसाया। लोधी गार्डन को जे.ए. स्टेन और गैरेट एकबू ने 1968 में री-डिजाइन किया था।

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