Wednesday, Mar 03, 2021
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london high court convicts vijay mallya yet another option is to avoid coming to india prshnt

लंदन हाईकोर्ट ने विजय माल्या को ठहराया दोषी, भारत आने से बचने के लिए अभी है एक और विकल्प

  • Updated on 4/21/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश के भगोड़े कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) को लंदन हाईकोर्ट ने भारत भेजे जाने का रास्ता साफ कर दिया है। जिस पर विजय माल्या ने कहां है कि वो इस फैसले से निराश है। उसने कहा कि वो अपने वकील की सलाह पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रखेगा इसके अलावा माल्या ने कहा कि वह मीडिया नॉरेटिव से भी नाराज हैं, जिसमें कहा गया है कि वह 9000 करोड़ की धोखाधड़ी के मुकदमे का जरूर सामना करना चाहिए।

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माल्य के पास एक विकल्प बाकी
दरअसल भारतीय बैंकों से हजारों करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने वाला विजय माल्या भारत नहीं आना चाहता है और इसके लिए कई हथकंडे अपना रहा है। सूत्रों की माने तो विजय माल्या के पास अब लंदन कोर्ट के फैसले के बाद शायद ही कोई रास्ता बच जाता है।

लेकिन बताया जा रहा है कि वह प्रत्यर्पण से बचने के लिए कई कानूनी दांवपेच अपना सकता है, ताकि वह भारत ना आए। माना जा रहा है कि इसमें एक तरीका लंदन सुप्रीम कोर्ट के सामने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देना हो सकता है।

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ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर करता है मामला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस के मार्क्स ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंडिया ने बताया कि अब बहुत कम संभावना बची है कि ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट विजय माल्या की अपील को स्वीकार करें, भले ही वैध याचिका दायर कर सकता है

वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों की माने तो लंदन में सुप्रीम कोर्ट केवल संवैधानिक मामलों को देखता है और सुप्रीम कोर्ट के लिए प्रत्यर्पण से जुड़े किसी भी मुद्दे को देखना आम बात नहीं। इसी के चलते जबकि संजीव चावला को भारत में प्रत्यर्पित किया जा रहा था तो उसके पास सुप्रीम कोर्ट के सामने अपील करने का कोई विकल्प नहीं रह गया था।

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प्रक्रिया में देरी कर रहा माल्या
बता दें कि इन सब मामलों में विजय माल्या ने भारत में अपने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में देरी करने के लिए अगले 14 दिन के भीतर लंदन में सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर करने की बात कही है। अगर सुप्रीम कोर्ट इसकी याचिका स्वीकार नहीं करता है तो 28 दिनों के अंदर हैं सचिव को प्रत्यर्पण पत्रों पर हस्ताक्षर करना होगा। जिसके बाद यूके के अधिकारियों के साथ समन्वय में माल्या को भारत के लिए भेज दिया जाएगा।

अधिकारियों का मानना है कि यह प्रक्रिया सट्टेबाज संजीव चावला के प्रत्यर्पण के सामान जैसा ही होगा। कोर्ट से आने के बाद 12 फरवरी 2020 को चावला को हीथ्रो हवाई अड्डे पर भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया था। क्राइम ब्रांच के अधिकारी को चावला की कस्टडी दी गई और उसे दिल्ली लाया गया था।

सोमवार को लंदन हाईकोर्ट में ऑर्डर पास किया की विजय माल्या ने भारतीय बैंक को धोखा दिया है और उसे भारत में प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए। बता दें कि माल्या पर भारतीय बैंकों को 11000 करोड़ रूपये से ज्यादा का चूना लगाने का आरोप है।

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