Saturday, Jan 28, 2023
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नीरव मोदी की कंपनी के पूर्व CFO रवि शंकर गुप्ता के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर रद्द 

  • Updated on 1/24/2023


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मुंबई की एक विशेष अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े 6,498 करोड़ रुपए के घोटाले में आरोपी ‘फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड' कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (एसएफओ) के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जारी ‘लुकआउट सर्कुलर' को रद्द कर दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अदालत ने रवि शंकर गुप्ता का यह प्रतिवेदन स्वीकार कर लिया कि वह बहुत पढ़ा-लिखा व्यक्ति है और एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का कार्यकारी निदेशक होने के कारण उसे देश के बाहर यात्रा करने की आवश्यकता पड़ती है। गुप्ता ने कहा था कि वह पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने 31 बार पेश हो चुका है।

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नोएडा स्थित 53 वर्षीय अधिकारी ने लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि उनकी नौकरी की प्रकृति ऐसी है कि उन्हें भारत के बाहर यात्रा करनी पड़ती है, लेकिन सर्कुलर के कारण वह अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने में असमर्थ हैं। सीबीआई ने याचिका का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि गुप्ता नीरव मोदी की कंपनी के वित्तीय मामले को संभाल रहा था। इस कंपनी ने 150 फर्जी गारंटी पत्रों का इस्तेमाल कर सरकारी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 6,498.20 करोड़ रुपये ठगे। उसने कहा कि यदि एलओसी को रद्द कर दिया जाता है, तो गुप्ता अन्य आरोपियों की तरह देश से फरार हो सकता है और वह संभवत: आगे की जांच के लिए उपलब्ध नहीं हो।

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विशेष अदालत ने कहा कि गुप्ता न तो आरोपी है और न ही मामले में गवाह है और वह मामले के संबंध में 30 से अधिक बार जांच अधिकारी के कार्यालय में उपस्थित हो चुका है। अदालत ने सर्कुलर रद्द करते हुए कहा, ‘‘अगर याचिकाकर्ता के खिलाफ जारी एलओसी को रद्द नहीं किया जाता या उसे वापस नहीं लिया जाता तो उसका करियर प्रभावित होगा।'' बहरहाल, उसने गुप्ता को उसकी अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया। नीरव और उसके मामा मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ कथित तौर पर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

नीरव मोदी के बहनोई को विदेश यात्रा की अनुमति के खिलाफ सुनवाई 
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बहनोई मैनक मेहता को हांगकांग की यात्रा करने की अनुमति देने संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर 31 जनवरी को सुनवाई करेगा। नीरव, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में आरोपी है। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ को मेहता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने बताया कि उनके (मेहता के) खिलाफ साक्ष्य हासिल करने के लिए सिंगापुर की एक अदालत को अनुरोध पत्र भेजा गया है। देसाई ने कहा कि मेहता विदेश यात्रा करना चाहते हैं। देसाई ने कहा, ‘‘इस न्यायालय के निर्देशानुसार अनुरोध पत्र जारी किया गया है। यह विषय मेरी यात्रा अनुमति से संबद्ध है।'' पीठ ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल एस वी राजू को ‘अनुरोध पत्र जारी करने के लिए उठाये गये कदमों के विवरण' के साथ वापस आना होगा।

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पीठ ने कहा, ‘‘हम इस विषय को अगले मंगलवार (31 जनवरी) के लिए रखेंगे।'' इससे पहले, पिछले साल दो दिसंबर को एएसजी ने सीबीआई की ओर से पेश होते हुए ‘अनुरोध पत्र' जारी करने के लिए मुंबई स्थित विशेष सीबीआई अदालत का रुख करने के वास्ते केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली मंजूरी के बारे में जानकारी दी थी। सीबीआई ने अपने निदेशक, बैंकिंग सुरक्षा धोखाधड़ी शाखा, मुंबई के मार्फत बंबई उच्च न्यायालय के 23 अगस्त 2022 के आदेश को शीर्ष न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने मेहता को हांगकांग की यात्रा करने और वहां तीन महीने रहने की अनुमति दी थी।

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सीबीआई का आरोप है कि मेहता ने पीएनबी धोखाधड़ी मामले में बड़ी मात्रा में हेराफेरी की राशि को अपनी पत्नी के बैंक खाते में भेज दिया था। सीबीआई ने बैंक खातों में लेनदेन के विवरण का मेहता द्वारा खुलासा नहीं किये जाने के मुद्दे को उठाया था। इन खातों में से एक सिंगापुर में भी है। जांच एजेंसी का कहना है कि मेहता को विवरण साझा करना चाहिए, जिसके बाद वह उनकी विदेश यात्रा पर विचार कर सकती है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नीरव ने 3 करोड़ डॉलर भेजे थे, जिसे मेहता ने कहीं और भेज दिया। जांच एजेंसी ने कहा कि उसे इसका विवरण जानने की जरूरत है। 

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