Tuesday, Oct 04, 2022
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विवेक तिवारी हत्याकांड: अारोपी सिपाही के समर्थन में आए पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई

  • Updated on 10/5/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल लखनऊ में हुई विवेक तिवारी की हत्या में पुलिस के कुछ सिपाही आरोपियों के सर्मथन में उतर आए हैं। उन्होंने आरोपी के सर्मथन में फेसबुक पर पोस्ट किया था जिसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए सिपाही सर्वेश चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है। फेसबुक पोस्ट के अलावा कई पुलिसवालों ने आज का दिन यानि 5 अक्टूबर को ब्लैक डे घोषित किया था।

आईजी एलओ प्रवीण कुमार के मुताबिक एटा के पुलिस सिपाही सर्वेश चौधरी को फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा इस सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच भी की जा रही है। इस सिपाही के अलावा कुछ और सिपाही भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाल रहे हैं जिनके खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।   

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हत्या के आरोपी के समर्थन में आए पुलिसकर्मियों का कहना है कि मामले की जांच किए बिना ओरोपी सिपाही को बर्खास्त कर जेल भेजा गया है। इसके बाद पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन ने आरोपी पुलिसवालों के पक्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में लिखा गया है कि जिन भी पुलिस सिपाही ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है उनके परिवार वालों की तरह ही 40-40 लाख रुपये दिए जाएं और उनके परिवार वालों और बच्चों को सरकारी नौकरी दी जाए।

DGP ने माना, पुलिसकर्मियों में प्रशिक्षण की कमी बना हत्या की वजह
इससे पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओम प्रकाश सिंह ने लखनऊ में एक कांस्टेबल द्वारा एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी के अधिकारी की गोली मारकर हत्या किए जाने के लिए पेशेवर प्रशिक्षण की कमी को जिम्मेदार बताते हुए गुरुवार को कहा कि सूबे के सिपाहियों के लिए ‘रीफ्रेशर कोर्स’ चलाने का निर्णय लिया गया है।

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सिंह ने मीडिया से विशेष बातचीत में कहा, ‘‘बीते शनिवार को लखनऊ के गोमतीनगर में ‘एपल’ कम्पनी के अधिकारी विवेक तिवारी की हत्या के आरोपी दोनों पुलिसकर्मी राज्य पुलिस के कोई ब्रांड एम्बेसडर नहीं हैं। हम ‘ट्रिगर हैप्पी’ नहीं बल्कि लोगों के मित्र हैं।’’ ‘ट्रिगर हैप्पी’ से आशय मामूली उकसावे पर भी हिंसक प्रतिक्रिया करने और गोली चलाने से है। उन्होंने विवेक तिवारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘किसी निहत्थे को गोली मारने का क्या औचित्य है? आरोपी सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को गिरफ्तार और बर्खास्त किया जा चुका है। पुलिस बल में शामिल कुछ लोगों की ऐसी हरकत से पूरे महकमे की कार्य संस्कृति का अंदाजा नहीं लगाया जाना चाहिए।’’

 

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