Wednesday, May 18, 2022
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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर मांगा स्वस्थ रहने का वरदान

  • Updated on 10/8/2021

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। नवरात्रि के दूसरे दिन स्वस्थ्य रहने की कामना के साथ श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी की अराधना व पूजा अर्चना की। इस दौरान राजधानी के मुख्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिली लेकिन मंदिर प्रशासनों द्वारा सोशल डिस्टेंस से लेकर अन्य सभी नियमों का पूरी सख्ती से पालन किया जा रहा है और करवाया जा रहा है।
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मां ब्रह्मचारिणी ने की थी घोर तपस्या
बता दें कि मां ब्रह्मचारिणी ने घोर तपस्या की थी, जिसकी वजह से इन्हें तपश्चारिणी अथवा ब्रह्मचारिणी नाम से जाना जाता है। मां का यह स्वरूप सौम्य व अनंत फल देने वाला व रोगमुक्त करने वाला होता है। यही नहीं इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार व संयम की वृद्धि होती है। यही वजह है कि मां की अराधना करने वालों का तांता झंडेवालान मंदिर, कालका जी मंदिर, छतरपुर मंदिर सहित अन्य छोटे-बडे मंदिरों में देखने को मिला। झंडेवालान मंदिर के सचिव कुलभूषण आहुजा ने बताया कि झंडेवालन मंदिर की ओर से सुबह 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक सारे कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण झंडेवाला देवी मंदिर यूट्यूब चैनल पर किया जा रहा है ताकि भक्त घर बैठे ही मां के दर्शन कर सकें। वहीं आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस व अग्निशमन गाडियां भी यहां हर समय तैयार रहती हैं। लाइनों में भक्तों को अंतिम छोर तक पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई है। दर्शनार्थियों की भीड इतनी अधिक थी कि मंदिर में प्रवेश के लिए रानी झांसी मार्ग, देशबंधु गुप्ता मार्ग व वरूणालय की ओर से व्यवस्था की गई। 
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आज सजेगा मां चंद्रघंटा का दरबार
मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की आज विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। मां चंद्रघंटा को सफेद रंग प्रिय होता है और इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा नाम से जाना जाता है। मां दुष्टों का विनाश करने के साथ ही आराधक के लिए शांति प्रदान करने वाली हैं। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती हैं।
 

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