Wednesday, Apr 14, 2021
-->
madhya pradesh by election results will be stamped on the stability of the government albsnt

मध्यप्रदेशः सरकार की स्थिरता पर मोहर लगाएंगे उपचुनाव परिणाम

  • Updated on 10/25/2020

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। मध्यप्रदेश में उपचुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। एक तरफ बीजेपी 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव पर ज्यादा से ज्यादा जीत हासिल करना चाहती है तो कांग्रेस के लिये करो या मरो वाली स्थिति हो गई है। कारण यदि कांग्रेस सभी 28 सीट पर जीत हासिल करने में कामयाब रहती है तो शिवराज सरकार को जाना ही होगा।

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने रावण की जगह पीएम मोदी के जलाए पुतले

हालांकि शिवराज सरकार को 230 सदस्यीय विधानसभा में 117 विधायकों की आवश्यकता है। जबकि बीजेपी के पास फिलहाल 107 विधायक है। वहीं कांग्रेस के पास 88 विधायक है। इसका मतलब साफ है कि बीजेपी को मात्र 9 सीटें जीतने पर ही शिवराज सरकार की स्थिरता पर मोहर लग जाएगी। मार्च तक राज्य के सीएम रहे कमलनाथ को तब सरकार से इस्तीफा देना पड़ा जब एक नाटकीय अंदाज में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 25 समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। सिंधिया के बीजेपी में होली के दिन शामिल होने के साथ ही तय हो गया था कि कमलनाथ की सरकार चंद घंटों की रह गई है। 

चीन को लेकर राहुल गांधी RSS पर भड़के, बोले- सच जानते हैं भागवत, लेकिन...

सिंधिया के समर्थक विधायकों के बल पर 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद शिवराज सिंह चौहान फिर से राज्य के सीएम बन गए। लेकिन 3 नवंबर को होने जा रहे उपचुनाव में बीजेपी के लिये भी राह आसान नहीं है। सभी सीटों पर रिजल्ट 10 नवंबर को आएंगे। कमलनाथ अपने चुनावी सभा में सिंधिया पर सरकार गिराने के कारण विश्वासघाती तक कह दिये है। सिंधिया भी कबूलते है कि राज्य की जनता के हित में उन्होंने सरकार गिरायी है। बहरलाल सबको 10 नवंबर के चुनाव परिणाम का बेसब्री से इंतजार है।

 

comments

.
.
.
.
.