Monday, May 23, 2022
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‘बुली बाई ऐप’ के आरोपी छात्र को मध्य प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज ने किया निलंबित

  • Updated on 1/7/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ‘बुली बाई ऐप’ मामले के कथित मास्टरमाइंड नीरज बिश्नोई को मध्य प्रदेश स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से निलंबित कर दिया गया है। कॉलेज के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) भोपाल परिसर के छात्र बिश्नोई को पुलिस ने बृहस्पतिवार को असम के जोरहाट से गिरफ्तार किया था।

 

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पुलिस ने कहा है कि 21 वर्षीय बिश्नोई इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता है और कथित तौर से विवादास्पद ऐप बनाने में शामिल है जिस पर कथित नीलामी के लिए सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट की गई थीं। अधिकारी ने कहा कि मामले में बिश्नोई की संलिप्तता सामने आने के तुरंत बाद ही वीआईटी प्रशासन ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।  

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वीआईटी, भोपाल परिसर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 100 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में स्थित है। उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया के माध्यम से और बाद में सीहोर पुलिस से सूचना मिलने के तुरंत बाद हमने बिश्नोई को कॉलेज से निलंबित कर दिया। आगे क्या ब्योरा सामने आएगा, इसके आधार पर प्रबंधन अगली कार्रवाई करेगा।’’ 

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सीहोर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर यादव ने बताया कि कॉलेज अधिकारियों के मुताबिक बिश्नोई बीटेक पाठ्यक्रम में दूसरे वर्ष का छात्र है और अब तक उसने ऑनलाइन कक्षाएं ही ली हैं क्योंकि कोविड महामारी की वजह से ऑनलाइन कक्षाएं ही हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज अधिकारियों के मुताबिक बिश्नोई प्रतिभाशाली छात्र है। 

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दिल्ली पुलिस ने कहा कि जोरहाट से बिश्नोई को राष्ट्रीय राजधानी लाया गया जहां उसने मामले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। बिश्नोई की गिरफ्तारी के साथ दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि उन्होंने गिटहब प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए ‘बुली बाई ऐप’ से संबंधित मामले को सुलझा लिया है। मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है।

उत्तराखंड से गिरफ्तार दो छात्रों को पुलिस हिरासत में भेजा 
‘बुली बाई’ एप मामले में गिरफ्तार दो छात्रों श्वेता सिंह और मयंक रावल को स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।      बुली बाई एप मामले में छेड़छाड़ कर तैयार की गयी मुसलमान महिलाओं की तस्वीरें एप पर अपलोड कर उन्हें नीलामी के लिए रखा गया था। मुंबई पुलिस की साबइर शाखा ने सिंह (18) और रावत (21) को पांच जनवरी को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया था और वहां की स्थानीय अदालत से ट्रांजिक रिमांड पर उन्हें यहां लेकर आयी।

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सिंह और रावल को शुक्रवार को बांद्रा मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से उन्हें हिरासत में देने का अनुरोध किया ताकि विशाल कुमार झा साथ उनसे भी पूछताछ की जा सके। झा को पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था और वह भी 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में है। अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सिंह और रावल दोनों को 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने पहले दावा किया था कि एप का ट््िवटर हैंडल सिंह ने बनाया था और वह मामले में मुख्य आरोपी है। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने भी इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है और छह जनवरी को असम से नीरज बिश्नोई को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस का दावा है कि एप बिश्नोई ने ही विकसित किया है। 

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