Monday, Jun 21, 2021
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मध्य प्रदेश : शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार, सिंधिया समर्थक 12 पूर्व विधायकों को मिला इनाम

  • Updated on 7/2/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  मध्य प्रदेश में बृहस्पतिवार को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा नीत सरकार के मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार किया गया, जिसमें 15 नए चेहरों और तीन महिलाओं सहित 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इन नए मंत्रियों में 12 ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक भी शामिल हैं, जिनके मार्च में कांग्रेस से इस्तीफे के बाद राज्य की कमलनाथ सरकार गिर गई थी। 

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हालांकि, मुख्यमंत्री चौहान खुद अपने चार करीबी विधायकों को ही मंत्री बना सके और बाकी चार करीबी पूर्व मंत्रियों एवं वरिष्ठ विधायकों को इसमें जगह नहीं दे पाए। इससे पहले 21 अप्रैल को हुए पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद के गठन में भी चौहान अपने किसी करीबी को मंत्री नहीं बना सके थे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यहां राजभवन में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर आयोजित समारोह में 20 कैबिनेट मंत्रियों और आठ राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्रियों में तीन महिलाएं शामिल हैं। शपथग्रहण समारोह में कोविड-19 को लेकर दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। 

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सिंधिया समर्थक जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, उनमें से कोई भी फिलहाल विधानसभा का सदस्य नहीं है। ये सभी मार्च माह में कांग्रेस से बागी होकर विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने के बाद भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री चौहान 21 अप्रैल को पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद के गठन के समय भी कांग्रेस छोडऩे के साथ—साथ अपने विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा में आए सिंधिया खेमे के दो लोगों-तुलसी सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत को मंत्री बना चुके हैं। 

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इसी के साथ कमलनाथ की पूर्व सरकार गिराने वाले 22 बागियों में से 14 बागियों को मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। ये सभी 14 मंत्री वर्तमान में विधायक नहीं हैं। इनमें से अधिकतर सिंधिया सर्मिथत नेता हैं। देश में संभवत: पहली बार किसी प्रदेश के मंत्रिमंडल में इतनी बड़ी तादाद में गैर विधायकों को शामिल किया गया है। इनके अलावा, सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया (शिवपुरी विधानसभा सीट की भाजपा विधायक) और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरेन्द्र कुमार सकलेचा के बेटे ओमप्रकाश सकलेचा :जावद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक: को भी इस मंत्रिमंडल में जगह मिली है। 

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सभी विधायकों ने ङ्क्षहदी में पद और गोपनीयता की शपथ ली। चौहान के मंत्रिमंडल में अधिकतर मंत्री ग्वालियर—चंबल और मालवा इलाके के हैं। संभवत: 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनाव के मद्देनजर भाजपा ने ऐसा किया है, क्योंकि इन 24 सीटों में से 16 सीटें चंबल—ग्वालियर इलाके की हैं और पांच मालवा—निमाड क्षेत्र की हैं। जिन तीन महिला विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, उनमें यशोधरा राजे सिंधिया, इमरती देवी (डबरा विधानसभा सीट की पूर्व विधायक) एवं उषा ठाकुर :महू विधानसभा सीट: शामिल हैं। 

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इसी के साथ चौहान के मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या चार हो गई है। कुमारी मीना सिंह पहले से ही आदिम कल्याण जाति मंत्री हैं। हालांकि, इस विस्तार में केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के छोटे भाई जालम सिंह पटेल को भी जगह नहीं मिल पाई है। जालम सिंह नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और पूर्व में मध्य प्रदेश के मंत्री रह चुके हैं।      

सिंधिया सर्मिथत पूर्व विधायक:-
1 बिसाहूलाल सिंह
2 एदल सिंह कंषाना
3 इमरती देवी
4 डॉ. प्रभुराम चौधरी
5 महेन्द्र सिंह सिसोदिया
6 प्रद्युम्न सिंह तोमर
7 हरदीप सिंह डंग
8 राजवर्धन सिंह दत्तीगांव 
9 बृजेन्द्र सिंह यादव
10 गिर्राज डन्डौतिया
11 सुरेश धाकड़ 
12 ओपीएस भदौरिया 

इनके अलावा, गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेन्द्र सिंह, बृजेन्द्र प्रताप सिंह, विश्वास सारंग, प्रेम सिंह पटेल, ओमप्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, अरविंद सिंह भदोरिया, मोहन यादव :सभी कैबिनेट मंत्री: और भारत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, रामखेलावन पटेल और राम किशोर कांवरे :सभी को राज्यमंत्री: बनाया गया है। ये सभी भाजपा विधायक हैं। 

इनमें से भूपेन्द्र सिंह, विजय शाह, अरविन्द भदौरिया एवं विश्वास सारंग मुख्यमंत्री चौहान के करीबी हैं। वहीं, चौहान के कट्टर समर्थक वरिष्ठ विधायक रामपाल सिंह, राजेन्द्र शुक्ला, गौरीशंकर बिसेन एवं संजय पाठक को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। ये चारों पहले प्रदेश में मंत्री रह चुके हैं। मध्यप्रदेश भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने बताया कि जिन 28 मंत्रियों ने आज शपथ ली है, उनमें से 13 विधायक पहले भी मध्यप्रदेश में मंत्री रह चुके हैं, जबकि 15 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। 

पहली बार मंत्री बनने वालों में प्रेम सिंह पटेल, ओमप्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, अरविंद सिंह भदोरिया, मोहन यादव, हरदीप सिंह डंग एवं राजवर्धन सिंह दत्तीगांव :सभी कैबिनेट मंत्री: और बृजेन्द्र सिंह यादव, गिर्राज डन्डौतिया, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया, भारत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, रामखेलावन पटेल और राम किशोर कांवरे :सभी राज्यमंत्री: हैं। 
 

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