Sunday, Jan 26, 2020
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जानें आज से शुरू होने वाला क्या है माघ मेला और इसका महत्व

  • Updated on 1/10/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। गंगा (Ganga), यमुना (Yamuna) और सरस्वती (Saraswati) के संगम की नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में माघ मेला 2020 (Magh Mela 2020) का श्रीगणेश आज से शुरू हो चुका है। जप, तप, स्नान, ध्यान और दान के कल्पवास की भी इसी दिन से शुरुआत हो गया है।

यह मेला आज यानी 10 जनवरी से शुरू होकर महाशिवरात्रि यानि 21 फरवरी तक चलेगा। बता दें कि मेला प्रशासन ने प्रथम स्नान पर्व पर 32 से 40 लाख तक श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान लगाया है, जो मौनी अमावस्या के दिन करीब दो करोड़ तक पहुंचेगा। 

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पवित्र नदी के पास बिताए समय
धार्मिक तौर पर 43 दिन तक चलने वाले माघ मेला बहुत महत्व रखता है। मानव के शरीर में 70 फीसदी पानी होता है। इसलिए माना जाता है कि माघ माह में किसी भी पवित्र नहीं के पास अधिक से अधिक समय बिताना, नहाना, तप करना बहुत जरूरी है। 

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धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु, महादेव आदित्य, मरुद्रण और अन्य सभी देवी-देवता इसी माघ मास में संगम स्नान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि प्रयाग में माघ मास में तीन बार स्नान करने से जो फल मिलता है, वे पृथ्वी पर दस हजार अश्वमेघ यज्ञ करने से भी प्राप्त नहीं होता। 

माघ स्नान से मनुष्य के शरीर में स्थित पाप जल कर भस्म होते हैं। पौष पूर्णमासी से माघ स्नान शुरू होता है। स्नान का सबसे उत्तम समय तभी माना जाता है। जब आकाश में तारागण दिखाई दे रहे हों यानी सूयार्दय से पूर्व। 

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स्नान का महत्व
पौष माह की पूर्णिमा पर सूर्योंदय से पहले उठना चाहिए। इसके बाद तीर्थ या पवित्र नदियों में स्नान करना चागहिए। ऐसा संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर नहाना चाहिए। इसके बाद पूरे दिन व्रत और दान का संकल्प लेना चाहिए। फिर किसी तीर्थ पर जाकर नदी की पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि नदी पूजा, स्नान से मोक्ष प्राप्त होता है। 

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इस बार की तैयारी
माघ मेले में कल्प वासियों और श्रद्धालुओं के स्नान के लिए इस बार 5 किलोमिटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है। जिसमें 16 स्नान घाट बनाए गए हैं। साथ ही माघ मेले में आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साइनेज और घाट एरिया में लगाये गए है श्रद्धालुओं मदद के लिए 400 से अधिक साइनेज की व्यवस्था की गई है।

इसमें 70 फीसदी दिशात्मक काइनेज और 30 फीसदी सूचनात्मक साइनेज है। इसके साथ ही विभिन्न सेक्टरों में स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। जो कि लागभग 10,000 स्क्वायर फीट के एरिया में है।

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सुरक्षा के इंतेजाम 
माघ मेले की भीड़ को देखते हुए शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है जबकि भारी वाहनों के रूट में भी बदलाव किया गया। दिन के समय भारी वाहनों के शहर पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा और स्वच्छता की दृष्टी से मेले में विशेष इंतजाम किये गए है।

पहले मेले के मद्देनजर 112 डायल और 20 चार पहिया और 25 दोपहिया वाहनों को लगाया गया है। मेले में निगरानी के लिए 175 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मेले क्षेत्र में 13 थाने और 38 पुलिस चौकियां स्थापित की गई है। 

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