Saturday, Mar 23, 2019

माघ पूर्णिमा 2019: पूरा होगा प्रयाग के तट पर कल्पवास, मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद

  • Updated on 2/19/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिंदु धर्म के माघ महिने की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा व्रत होता है। वैसे माघ महिने का अपना ही एक महत्व होता हैं लेकिन पूर्णिमा तो सभी दिनों में सबसे बढ़कर होती है। इस बार ये उत्सव 19 फरवरी को यानी आज मनाया जा रहा है। प्रयागराज के संगम तट पर पौष पूर्णिमा से शुरू होने वाले माघ के स्नान एक महीने बाद आज के दिन माघ पूर्णिमा पर समाप्त होता है।

पुराणों के मुताबकि, इस दिन खुद भगवान विष्णु गंगाजल स्नान करने आते हैं। मानव रुप में वे पूरे मास भजन कीर्तन कर नदी में स्नान करते क्योंकि उस दिन स्नान का आखिरी दिन माना जाता हैं।

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वही एक और मान्यता यह भी है कि द्वापर युग में दानवीर कर्ण को माता कुंती ने माघी पूर्णिमा के दिन ही जन्म दिया था और उन्हें नदी में प्रवाहित किया था। इसलिए अगर कोई भी इस दिन स्नान करता है तो उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। 

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विष्णु जी का आशीर्वाद
माघ पूर्णिमा के दिन कोई भी स्नान करता है तो उस पर भगवान विष्णु कि असीम कृपा बनी रहती है। साथ ही सुख - सौभाग्य, धन - संतान कि प्राप्ति का वारदान भी मिलता है और घर में शांति का माहौल बना रहता हैं। 

माघ पूर्णिमा पूजन का तरीका
इस अवसर पर सत्यनारायण जी  की कथा होती हैं। जिसमें भगवान विष्णु की पूजा में केले के पते व फल, पंचामृत, सुपारी , पान आदि का उपयोग किया जाता हैं।

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वही सत्यनारायण की पूजा में प्रसाद के लिए आटे को भून कर उसमें चीनी मिलाकर चूरमें का प्रसाद बनाया जाता हैं। सत्यानारायण की कथा के बाद उनका पूजन  होता है, इसके बाद मां लक्ष्मी,  शिव जी और ब्रह्मा जी की आरती भी की जाती हैं।

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