Tuesday, Jan 18, 2022
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ED के समक्ष पेश हुए अनिल देशमुख, सचिन वाजे क्राइम ब्रांच की हिरासत में

  • Updated on 11/1/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख धन शोधन के एक मामले में पूछताछ के लिए यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष आखिरकार सोमवार को पेश हुए। इससे पहले ईडी द्वारा पांच बार सम्मन जारी किये जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुए थे। वह अपने वकील और सहयोगियों के साथ सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित एजेंसी के कार्यालय में आए। देशमुख इस मामले में ईडी द्वारा जारी किए गए सम्मनों पर पेश नहीं हुए थे, लेकिन बंबई उच्च न्यायालय के गत सप्ताह इन सम्मनों को रद्द करने से इनकार करने के बाद वह एजेंसी के समक्ष पेश हुए हैं। 

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अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी महाराष्ट्र पुलिस प्रतिष्ठान में 100 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत एवं वसूली मामले में की जा रही आपराधिक जांच के संबंध में धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 71 वर्षीय नेता का बयान दर्ज करेगी। वसूली के आरोपों के कारण देशमुख को अप्रैल में इस्तीफा देना पड़ा था। पूछताछ ओर बयान दर्ज करने के सत्र लंबे चल सकते हैं क्योंकि अधिकारियों ने बताया कि देशमुख इस मामले में ‘‘अहम व्यक्ति’’ हैं और उनसे मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे द्वारा किए गए खुलासों समेत मामले में कई विषयों पर पूछताछ करने की आवश्यकता है।

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देशमुख ने ईडी कार्यालय जाने से पहले एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह गत सप्ताह बंबई उच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद खुद एजेंसी के समक्ष पेश हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया में कहा गया कि मैं ईडी के साथ सहयोग नहीं कर रहा हूं...मुझे सम्मन भेजे जाने के बाद मैं दो बार सीबीआई के समक्ष पेश हुआ...उच्चतम न्यायालय में मेरी याचिका लंबित है लेकिन इसमें समय लगेगा। अत: मैं खुद ईडी के पास जा रहा हूं। ईडी ने जब जून में छापा मारा था तो मैंने और मेरे परिवार ने उसके साथ सहयोग किया था।’’ देशमुख ने पूछा कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह कहां हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेरे खिलाफ रिश्वत के आरोप लगाए, लेकिन वह अब कहां हैं? 

बंबई उच्च न्यायालय ने 29 अक्टूबर को दिए अपने फैसले में कहा कि देशमुख यह साबित करने में असफल रहे हैं कि एजेंसी उनके खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई कर रही है। अदालत ने यह कहा कि यदि देशमुख को इस मामले में अपनी गिरफ्तारी की आशंका है, तो उनके पास किसी भी अन्य वादी की तरह उचित अदालत के पास जाकर राहत मांगने का अधिकार है। 

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अदालत ने निदेशालय को निर्देश दिया कि वह देशमुख से पूछताछ के दौरान उनके वकील को केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में इतनी दूरी पर मौजूद रहने की अनुमति दे, जहां वह उन्हें ‘‘देख सके, लेकिन सुन नहीं सके।’’ ईडी ने देशमुख और अन्य के खिलाफ मामला तब दर्ज किया, जब सीबीआई ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोपों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उन पर मामला दर्ज किया गया। देशमुख महा विकास आघाड़ी सरकार में गृह मंत्री थे। 

अपराध शाखा ने सचिन वाजे को हिरासत में लिया 
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने बर्खास्त किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को उपनगर गोरेगांव में उनके खिलाफ दर्ज वसूली के मामले में सोमवार को हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। वाजे को हिरासत में लेने के बाद अपराध शाखा के कर्मी मामले में पूछताछ के वास्ते आगे रिमांड पर लेने के लिए उन्हें यहां एस्प्लेनेड अदालत में ले गए। एक विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते मुंबई पुलिस को मामले में पूछताछ के लिए नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद वाजे को हिरासत में लेने की अनुमति दी थी। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह भी इस मामले में आरोपी हैं। 

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सहायक पुलिस निरीक्षक वाजे को इस साल मार्च में उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के पास से एक एसयूवी की बरामदगी और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। अंबानी के आवास के पास एसयूवी से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। गोरेगांव थाने में दर्ज वसूली के मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने विशेष अदालत से वाजे की हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा था कि अपराध की आगे की जांच जरूरी है। 

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वाजे ने हाल में बायपास सर्जरी कराई थी, इस तथ्य का संज्ञान लेते हुए अदालत ने जेल अधिकारियों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट मांगी थी। अदालत ने पाया कि वाजे कुछ दिनों की यात्रा करने के लिए फिट हैं। अदालत ने पिछले हफ्ते जेल अधिकारियों को एक नवंबर को उनकी हिरासत मुंबई पुलिस को सौंपने का निर्देश दिया। बिल्डर सह होटल व्यवसायी बिमल अग्रवाल की शिकायत पर वाजे, परमबीर सिंह व अन्य के खिलाफ वसूली का मामला दर्ज किया गया था। 

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