Thursday, Apr 09, 2020
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भीमा कोरेगांव केस केंद्र को नहीं सौंपा जाएगा: CM उद्धव ठाकरे

  • Updated on 2/18/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भीमा कोरेगांव केस (Bhima Koregaon case) की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे जाने को लेकर महाराष्ट्र (Maharashtra) की महाविकास गठबंधन की सरकार में मनमुटाव सामने आया है। इसको लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मंगलवार को सफाई देते हुए कहा कि यलगार परिषद केस (Elgaar Parishad case) की जांच केंद्र को सौंपी गई है, भीमा कोरेगांव केस की जांच नहीं।

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा, 'यलगार परिषद केस और भीमा कोरेगांव केस दो अलग-अलग मामले हैं। भीमा कोरेगांव मामला मेरे दलित लोगों से जुड़े हैं और इस मामले से संबंधित जांच अभी तक केंद्र को नहीं दी गई है और इसे केंद्र को नहीं सौंपा जाएगा। हालांकि केंद्र ने यलगार परिषद मामले को संभाल लिया है। 

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CAA-NRC पर बोले सीएम ठाकरे
वहीं देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA), एनआरसी (NRC) और एनपीआर (NPR) को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन पर सीएम ठाकरे ने कहा, 'सीएए और एनआरसी दोनों अलग हैं और एनपीआर भी अलग है।' अगर सीएए लागू होता है तो किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।' उन्होंने कहा कि राज्य में एनआरसी लागू नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि एनआरसी को लागू किया जाता है तो यह न केवल हिंदू या मुस्लिम बल्कि आदिवासियों को भी प्रभावित करेगा। केंद्र ने एनआरसी पर अभी चर्चा नहीं की है। एनपीआर एक जनगणना है, और मुझे नहीं लगता कि कोई भी प्रभावित होगा क्योंकि यह हर दस साल में होता है।

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केन्द्र का जांच लेना व राज्य सरकार का समर्थन गलत
भीमा कोरेगांव मामले की जांच पुणे पुलिस से एनआईए को हस्तांतरित करने पर राकांपा प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस में कुछ लोगों का व्यवहार (भीमा कोरेगांव जांच में शामिल) आपत्तिजनक था। मैं चाहता था कि इन अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।

उन्होंने कहा कि सुबह पुलिस अधिकारियों के साथ महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों की बैठक हुई थी और दोपहर 3 बजे केंद्र ने मामले को एनआईए को हस्तांतरित करने का आदेश दिया। यह संविधान अनुसार गलत है, क्योंकि अपराध की जांच राज्य का अधिकार क्षेत्र है। केंद्र ने पिछले महीने मामले की जांच पुणे पुलिस से लेकर एनआईए को सौंप दी थी। 

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