Friday, Dec 13, 2019
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महाराष्ट्र चुनाव: शिवसेना के साथ जाने पर पशोपेश में कांग्रेस

  • Updated on 11/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। महाराष्ट्र (Maharashtra) के ताजा सियासी हालात में कांग्रेस ने शिवसेना (Shiv Sena) का साथ देने पर सहमति दे दी है, लेकिन कुछ मसलों पर असमंजस में है। दो दौर की बैठक के बाद भी पार्टी ने स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि वह शिवसेना के साथ मिल कर सरकार में शामिल होगी या फिर बाहर से समर्थन देकर सरकार बनवाती है। फिलहाल पार्टी के तीन प्रमुख नेता मुंबई के लिए रवाना हुए हैं, जहां वे एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करेंगे और उनसे चर्चा के बाद सोनिया गांधी से उनकी बात करवा कर आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।

पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख बालासाहेब थरोट ने सोमवार सोनिया गांधी से की मुलाकात
महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए शिवसेना को समर्थन देना है या नहीं, इस संबंध में फैसला करने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण और सुशील कुमार शिंदे के साथ-साथ पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख बालासाहेब थरोट ने सोमवार की शाम सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से उनके आवास पर मुलाकात की। लेकिन इस मुलाकात के बाद भी पार्टी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र के नेताओं ने सरकार में हिस्सेदार होने की बात सोनिया से कही।

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न सीडब्ल्यूसी, न ही पार्टी नेताओं की बैठक में कर पाई कोई फैसला
सोनिया ने इस बारे में जयपुर में रुके महाराष्ट्र के नवनिर्वाचित विधायकों से भी बात की। उनकी राय जानने के बाद कुछ अहम बिंदुओं पर पहले एनसीपी के साथ चर्चा करने की बात कहकर सोनिया ने मामले को टाल दिया। इससे पूर्व कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सभी वरिष्ठ सदस्यों ने सोनिया गांधी के आवास पर सुबह मुलाकात की थी। हालांकि बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका था और पार्टी नेतृत्व ने शाम चार बजे फिर से बैठक का निर्णय लिया था।

अहमद पटेल आज जयपुर जाकर महाराष्ट्र के विधायकों से भी मिलेंगे
इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोनिया गांधी से फोन पर बात कर समर्थन मांगा। लंबी बैठक के बाद निकले मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि पार्टी ने अभी शिवसेना के साथ जाने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। लेकिन कुछ देर बाद ही पता चला कि खड़गे, अहमद पटेल और वेणुगोपाल मुम्बई के लिए रवाना हो गए। वे वहां शरद पवार से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। सूत्र बता रहे हैं कि अहमद पटेल मंगलवार को जयपुर जाकर महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों से भी मिलेंगे। 

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आंकड़े ऐसे कि सब बना सकते हैं सरकार 

महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय सदन में शिवसेना दूसरी बड़ी पार्टी है जिसके 56 विधायक हैं। भाजपा के 105 विधायक है। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के क्रमश: 44 और 54 विधायक है। शिवसेना को सरकार बनाने का दावा करने के लिए सोमवार की शाम साढ़े सात बजे तक का समय राज्यपाल ने दिया था। शिवसेना ने सरकार बनाने का अपना दावा तय समय में पेश तो किया, लेकिन एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन पत्र नहीं मिलने के चलते राज्यपाल ने उसका दावा निरस्त कर दिया और तीसरे नंबर की बड़ी पार्टी होने के चलते एनसीपी को सरकार बनाने का न्योता दे भेजा।

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राज्यपाल ने एनसीपी को भी 24 घंटे का ही दिया वक्त
एनसीपी की ओर से अजित पवार ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर सरकार गठन पर चर्चा की है। राज्यपाल ने एनसीपी को भी 24 घंटे का ही वक्त दिया है। उम्मीद की जा रही है कि अगले 24 घंटे में राज्य की सियासत फिर से करवट ले सकती है। संभव है कि एनसीपी और कांग्रेस मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश करें और शिवसेना से समर्थन देने का सौदा करें। यह भी संभव है कि दोनों दल शिवसेना को उसकी इच्छानुसार मुख्यमंत्री का पद दे दें और अहम मंत्रालय अपने पास रख लें।

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