Sunday, Dec 08, 2019
maharashtra live government formation or presidents rule will be final decision today

दिल्ली लौटे कोविंद ने महाराष्ट्र में लगाया राष्ट्रपति शासन

  • Updated on 11/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। महाराष्ट्र की राजनीति का उफान अभी अपने जोरों पर है, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने किसी राजनीतिक दल के सरकार न बनाने के दावे के बाद राष्ट्रपति से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अपील की है। जिसे राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने स्वीकार कर लिया है। जिसके खिलाफ नाराज शिवसेना ने आज सुप्रीम मे इस मुद्दे को ले जाने की बात कही है। 

 महाराष्ट्र (Maharashtra) में शरद पवार (Sharad Pawar) की राजनीति के सामने सभी बेबस नजर आ रहे है। फिर से सबकी निगाहें आज शाम कांग्रेस (Congress) नेताओं के साथ होने वाली शरद पवार की बैठक पर टिक गई है। उधर एनसीपी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक के बारे में चर्चा करते हुए एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि पार्टी ने सरकार गठन करने के लिये अध्यक्ष शरद पवार को अधिकृत किया है। जिसमें शरद पवार आज शाम कांग्रेस नेता से मिलकर अंतिम फैसला लेंगे। 

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राष्ट्रपति शासन लगने की अटकलें हुई तेज
उधर नबाब मलिक ने राष्ट्रपति शासन लगने को खारिज कर दिया है। उधर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने केंद्र सरकार से इस बाबत चर्चा की है। इससे पहले दिन भर चले घटनाक्रम में शिवसेना के साथ सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और एनसीपी के खुलकर नहीं आने से उद्धव ठाकरे के सीएम बनने के सपने पर फिलहाल ब्रेक लग सकता है। इस बीच उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रपति शासन को लेकर वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से चर्चा की है। आज रात 8.30 बजे राज्यपाल का एनसीपी को दिये अल्टीमैटम सम्पात हो रहा है।  
 

कांग्रेस और एनसीपी की बैठक में होगा तय
महाराष्ट्र में सरकार के गठन में हो रही देरी के लिये कौन जिम्मेदार है इसको लेकर ठीक-ठीक अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन एक बार फिर क्षेत्रिय क्षत्रप शरद पवार का कद अचानक बढ़ गया है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के निर्देश पर पार्टी के 3 वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अहमद पटेल और केसी वेणुगोपाल सीधे आज मुंबई पहुंचकर शरद पवार से मुलाकात करेंगे। उसके बाद ही नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।
 

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शिवसेना के फॉर्मूला से बनाएगी एनसीपी सरकार

सूत्रों के मुताबिक सीएम पद के लिये शिवसेना के बीजपी को दिये ढ़ाई-ढ़ाई साल के फॉर्मूले को ही मुद्दा बनाकर एनसीपी आगे बढ़ना चाहती है। एनसीपी इस बात पर अड़ी हुई है कि अगले सरकार में 50-50 का फॉर्मूला ही लागू की जाए। इस बीच कांग्रेस ने साफ किया है कि सरकार गठन को लेकर उस पर आरोप लगाना सही नहीं है।      

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शरद पवार ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथ

एनसीपी नेता शरद पवार ने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि कांग्रेस और उनकी पार्टी में आज कोई बैठक नहीं होने वाली है। उन्होंने संकेत दिया कि वे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी से सरकार गठन को लेकर चर्चा करेगी। इससे पहले कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने शरद पवार से मुलाकात की थी। जिसमें यह तय हुआ था कि दिल्ली से कांग्रेस का कोई नेता मुंबई नहीं जाएगा। इस बीच कांग्रेस ने अभी तक एनसीपी को समर्थन पत्र नहीं सौंपा है। जिससे भी चर्चा तेज हो गई है।   
 

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कांग्रेस को लेना है फैसला

लेकिन इस सबके बीच एनसीपी नेता अजित पवार ने सरकार बनाने में देरी के लिये कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी सरकार बनाना चाहती है लेकिन कांग्रेस को अंतिम फैसला लेना होगा। अजित पवार ने सरकार के गठन में देरी से राज्य को हो रहे नुकसान का भी जिक्र किया है।

 

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राज्यपाल ने आज देर रात तक का दिया एनसीपी को समय

उन्होंने कहा कि राज्यपाल से मिलकर उनकी पार्टी समय बढ़ाने की मांग करेगी। राज्यपाल ने सीधे एनसीपी को सरकार बनाने के लिये आज रात तक का समय दिया है। इस बीच एनसीपी की बैठक में फिर से उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) को सीएम के तौर पर समर्थन देने या उनकी पार्टी शिवसेना से समर्थन लेकर सरकार बनाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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शिवसेना को समर्थन करने पर एनसीपी और कांग्रेस में मतभेद

शिवसेना नेता संजय रावत को शनिवार को सीने में दर्द होने पर लीलावती अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उनसे मिलने आज एनसीपी नेता शरद पवार ने मुलाकात करके हालचाल जाना है।

 

वहीं कांग्रेस आज फिर से शिवसेना के समर्थन पर निर्णय लेगा। लेकिन कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी पूरी तरह शरद पवार के निर्णय को ही अंतिम मानकर मोहर लगा सकती है।लेकिन शरद पवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि कांग्रेस के समर्थन के बाद भी सरकार गठन के लिये यदि शिवसेना ने समर्थन नहीं देने का फैसला किया तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है। महाराष्ट्र (Maharashtra) में शरद पवार (Sharad Pawar) की राजनीति के सामने सभी बेबस नजर आ रहे है। आज सबकी निगाहें एनसीपी (Ncp) की बैठक और कांग्रेस (Congress) के निर्णय पर टिक गई है।

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