Sunday, Dec 15, 2019
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आने वाले चुनाव में ये चार मुद्दे कर सकते हैं परिणाम को प्रभावित

  • Updated on 9/23/2019

नई दिल्ली/ प्रियंका शर्मा। महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। इसी के साथ देश में एक बार फिर चुनावी माहौल बना रहेगा। चुनाव आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को चुनाव होंगे। वहीं इसके परिणाम की घोषणा दोनों राज्यों में 24 अक्टूबर को होगी। बता दें कि देश में लोकसभा चुनाव के चार महिने बाद पहली बार इन दोनों राज्यों में विधान सभा चुनाव होने जा रहा है।

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केंद्र सरकार द्वारा किए गए देश में बदलाव राज्य चुनाव का मुद्दा हो सकता है
महाराष्ट्र और हरियाणा में अभी भारतीय जनता पार्टी ही सत्ता में है। ऐसे में बीजेपी के लिए ये चुनाव कई मायनों में खास है, क्योंकि लोकसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी सरकार के अंतर्गत सरकार ने देश में कई बदलाव किए हैं। जिसका असर आने वाले चुनाव नतिजों पर पड़ सकता है। 

लोकसभा चुनाव में जिस तरह बीजेपी की सरकार भारी सीटों के साथ सत्ता में आयी थी। और अब मोदी सरकार को सौ दिन बीत चुके हैं। तो अब देखना ये होगा कि जिस जनता की प्रथमिकता बीजेपी सरकार थी क्या राज्य चुनाव में भी होगी? बीजेपी सरकार के चार महिनों में कई बदलाव हुए। तीन तलाक के खिलफ बील ने कानूनी रूप ले लिया। और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर दिया गया। इन मुद्दो को राज्यों में होने वाले चुनाव से भी जोड़ा जा सकता है। 

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अनुच्छेद 370 हटाना बीजेपी की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है 
हाल ही में 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया है जो कि बीजेपी सरकार की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। ये फैसला ऐसा रहा जिसमें बीजेपी को पक्ष-विपक्ष दोनों का साथ मिला है। जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है राज्यों में होने वाले चुनाव में यह बहस का मुद्दा हो सकता है।

बीजेपी सरकार पिछले कार्य काल में तीन तलाक बील को राज्यसभा में पास नहीं करवा पाई थी। लेकिन दूसरी बार सत्ता में आने के बाद मुस्लिम महिलाओं के हक के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार तीन तलाक बिल लाने की बात कर रही थी। इस बार दोनों सदनों से बिल को पास  कर दिया गया। अब भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस मुद्दे को चुनावी माहौल में भी उठाया जा सकता है।

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लोकसभा चुनाव में हार के बाद राज्यों में कांग्रेस को जीत की उम्मीद
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बड़ी हार के बाद कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद कांग्रेस का कमान सोनिया गांधी के हाथ में पहुंच गया। लोकसभा चुनाव में देश के सबसे पुरानी पार्टी ने जिन मुद्दो को उठाया उनपर उन्हें असफलता मिली। ऐसे में अब राज्य में होने वाले चुनावों पर कांग्रेस को उम्मीद होगी कि वह सोनिया गांधी की अध्यक्षता में राज्य चुनाव में सफल हो सकेंगे।

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PM मोदी की लोकप्रियता का चल सकता है जादू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रियता के चलते उन्हें लोकसभा चुनाव में भारी सीटों से फायदा हुआ था। महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव के चार महीने बाद हो रहे हैं। ऐसे में इसे भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का टेस्ट भी कहा जा सकता है। बता दें कि पिछली बार महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों ही राज्यों में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी संख्या में जीत हासिल हुई थी।

लेकिन अब मुद्दा है कि केंद्र सरकार जिन फैसलों को ऐतिहासिक करार दे रही है। उसके अलावा भी कई मुद्दे चुनाव में देखने को मिल सकते है। देश की मौजूदा अर्थव्यवस्था का दौर, नौकरियों की मांग जैसे मुद्दो को विपक्ष पार्टीयां बीजेपी सरकार पर वार करने का मुद्दा बना सकती हैं।

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