Thursday, Feb 27, 2020
mahashivratri 2020 mahashivratri date mahashivratri 2020 shubh muhurat

महाशिवरात्रि 2020: क्यों होता है रुद्राभिषेक, जानें इसके फायदे

  • Updated on 2/12/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। साल 2020 में महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) 21 फरवरी के दिन है। इस दिन जगह-जगह मंदिरों में लोग भगवान शिव के रुद्राभिषेक का आयोजन करवाते हैं। अभिषेक को लेकर ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से मन की इच्छाएं पूरी होती हैं। साथ ही ग्रह संबंधित सभी दोष दूर होते हैं।

महाशिवरात्रि चतुर्दशी को मनाया जाता है, जो कि 21 फरवरी 2020 को है। 21 फरवरी को शाम 5 बजकर 20 मिनट से 22 फरवरी, शनिवार को शाम सात बजकर 2 मिनट तक महाशिवरात्रि रहेगी। वहीं पूजा का मुहूर्त शाम 6 बजकर 41 मिनट से रात 12 बजकर 52 मिनट तक होगी।

रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ खुश होते हैं
महाशिवरात्रि के पावन दिन रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ को खुश किया जा सकता है। इसलिए रुद्राभिषेक से जुड़ी खास बातें जानना जरूरी है।

अभिषेक शब्द का समान्य अर्थ है स्नान कराना और रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान रुद्र का अभिषेक यानी कि शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों का उच्चारण करते हुए अभिषेक करना।

इस अभिषेक के कई रूप और प्रकार होते हैं। श्रेष्ठ ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक करवाना शिवजी को प्रसन्न करने का सबसे श्रेष्ठ तरीका माना जाता है। 

रुद्राभिषेक करने पर हमारे दुख खत्म होते हैं
रुद्राष्टाध्यायी के मुताबिक शिव ही रुद्र हैं और रुद्र ही शिव हैं। रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र। यानी कि रुद्र रूप शिव हमारे सभी दुखों को जल्द ही खत्म कर देते हैं। यानी कि रुद्राभिषेक करने पर हमारे दुख खत्म होते हैं। जाने-अनजाने में किए गए प्रकृति के खिलाफ व्यवहार के परिणामस्वरूप ही हम दुख भोगते हैं। 

शिवलिंग अभिषेक की कथा
पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान विष्णु की नाभि से उत्पन्न कमल से ब्रह्माजी की उत्पत्ति हुई। ब्रह्माजी जब विष्णु भगवान के पास अपने जन्म का कारण पूछने गए तो उन्होंने ब्रह्मा की उत्पत्ति का रहस्य बताया और बताया कि उनके कारण ही आपकी उत्पत्ति हुई है। लेकिन ब्रह्माजी मानने को तैयार नहीं हुए और दोनों में लड़ाई हुई।

इस युद्ध से नाराज भगवान रुद्र लिंग रूप में प्रकट हुए। इस लिंग का आदि और अन्त जब ब्रह्मा और विष्णु जी को कहीं पता नहीं चला तो हार मान ली और लिंग का अभिषेक किया। जिससे भगवान खुश हुए। कहा जाता है कि यहीं से रूद्राभिषेक आरंभ हुआ।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.