Thursday, May 23, 2019

मालेगांव ब्लास्ट के अन्य आरोपी ने की साध्वी प्रज्ञा के बयान की निंदा

  • Updated on 4/21/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एक सहआरोपी ने रविवार को भोपाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर की महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे के खिलाफ की गईं टिप्पणियों की निंदा की।

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उन्होंने कहा कि हालांकि फिर भी वह वहां कांग्रेसी उम्मीदवार दिग्विजय सिंह को हराने के लिए प्रज्ञा के लिए प्रचार करेंगे। जमानत पर चल रहे मालेगांव विस्फोट मामले के आरोपी समीर कुलकर्णी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसी को करकरे के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है क्योंकि करकरे ने आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

कुलकर्णी ने कहा, ‘केवल साध्वी (प्रज्ञा ठाकुर) ही नहीं बल्कि किसी को भी इस तरह की टिप्पणियां करने का अधिकार नहीं है। क्योंकि बहादुरों के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां करना उनके बलिदान के प्रति कृतघ्नता है।’ हालांकि उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए कहा, ‘विस्फोट मामले में कई सालों तक हिरासत में रहने के दौरान साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित हमें बहुत यातनाएं दी गईं। हो सकता है कि साध्वी ने नाराजगी में बयान दिया हो।’

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 उन्होंने कहा, ‘हालांकि अपनी गलती महसूस करने के बाद उन्होंने माफी मांग ली है।’ कुलकर्णी ने कहा कि उनके बयान का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह भोपाल में प्रज्ञा के लिए प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा, ‘साध्वी नेता नहीं हैं लेकिन वह अधर्म के खिलाफ लड़ रही हैं।

वह दिग्विजय सिंह के खिलाफ लड़ रही हैं और सिंह को हराने के लिए, हम (प्रचार के लिए) वहां जाएंगे। कुलकर्णी ने कांग्रेस और राकांपा पर ‘हिन्दू विरोधी’ होने का आरोप लगाया और कहा कि दोनों दलों ने 2008 में उन्हें (विस्फोट के आरोपियों) ‘बली का बकरा’ बनाया।

कुलकर्णी को 2017 में मालेगांव विस्फोट मामले में जमानत मिली थी। इस मामले में आरोपी और जमानत पर रिहा चल रहीं प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि, 'करकरे की मुंबई आतंकी हमले के दौरान इसलिए जान चली गई थी क्योंकि एटीएस प्रमुख के तौर पर करकरे ने मालेगांव विस्फोट की जांच के दौरान उन्हें ‘यातनाएं’ दी थीं जिसके बाद उन्होंने करकरे को शाप दिया था।'      

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