Monday, Apr 12, 2021
-->
mamata banerjee west bengal cm says no citizen allowed to berefugee citizenship amendment bill

NRC, नागरिकता विधेयक पर ममता बोलीं- किसी को नहीं बनने देंगे शरणार्थी

  • Updated on 12/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत किए गए नागरिकता संशोधन विधेयक को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को ‘विभाजनकारी’ बताया और ‘किसी भी कीमत’ पर विधेयक का विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी नागरिक को शरणार्थी नहीं बनने दिया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सत्ता में रहते हुए बंगाल में कभी एनआरसी और नागरिकता विधेयक की इजाजत नहीं दिए जाने का आश्वासन देते हुए बनर्जी ने इन्हें एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। 

#CAB को लेकर अमित शाह पर अमेरिका में प्रतिबंध लगाने की मांग

बनर्जी की यह टिप्पणी अमित शाह के उस कथन के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने लोकसभा में विधेयक पेश करने के बाद कहा था कि यह अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं बल्कि घुसपैठियों के खिलाफ है। बनर्जी ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर कहा, 'यह विभाजनकारी विधेयक है और इसका किसी भी कीमत पर विरोध होना चाहिए।' उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में एनआरसी लागू होने के डर से अब तक 30 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। बनर्जी ने कहा भारत जैसे पंथनिरपेक्ष देश में नागरिकता कभी भी धर्म के आधार पर नहीं दी जा सकती। 

नागरिकता संशोधन विधेयक पर चिदंबरम बोले- सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे लड़ाई

तृणमूल अध्यक्ष ने खडग़पुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'एनआरसी और नागरिकता विधेयक से डरने की जरूरत नहीं है। हम इसे कभी भी बंगाल में लागू नहीं करेंगे। वे इस देश के किसी वैध नागरिक को बाहर नहीं फेंक सकते, न ही उसे शरणार्थी बना सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'इस देश का एक भी नागरिक शरणार्थी नहीं बनेगा। कुछ लोग अपने राजनीतिक बड़बोलेपन के जरिये अशांति उत्पन्न करना चाहते हैं लेकिन मैं साफ कर देना चाहती हूं कि कोई एनआरसी और नागरिकता विधेयक लागू नहीं होगा। आप जाति या धर्म के आधार पर एनआरसी या कैब लागू नहीं कर सकते।'

BHU में संस्कृत पढ़ाने वाले डॉ. फिरोज खान ने दिया इस्तीफा

उन्होंने कहा, 'जो अभी देश में आ रहे हैं उनके लिए सरकार ग्रीन नागरिकता कार्ड धारक का प्रावधान कर सकती है। लेकिन जो पिछले पांच-छह दशकों से देश में रह रहे हैं उन्हें सरकार देश छोडऩे के लिए कैसे कह सकती है? जो भी इस देश में रहता है वह वैध नागरिक है।’’ बनर्जी ने नागरकिता विधेयक और एनआरसी के विरुद्ध अपनी लड़ाई को पिछले सप्ताह ‘दूसरा स्वतंत्रता संग्राम’ बताया था। 

गुजरात विधानसभा से निलंबित जिग्नेश मेवानी ने #BJP, #RSS पर निकाली भड़ास

बनर्जी ने कहा, 'असम में उन्होंने एनआरसी के नाम पर 19 लाख लोगों को सूची से बाहर कर दिया जिसमें से 14 लाख हिंदू और बंगाली हैं। केंद्र सरकार को पहले रोटी कपड़ा मकान की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए। लोगों को मत बांटो। देश को मत बांटो।' केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता के प्रमाण के रूप में कई सारे दस्तावेज मांगे जाने पर आश्चर्य जताते हुए बनर्जी ने कहा कि भाजपा सरकार केवल जनता को सताना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा, Þहमने एक नई व्यवस्था लागू की जिसमें एक व्यक्ति के पास अपनी पहचान साबित करने के लिए कम से कम एक डिजिटल राशन कार्ड हो सकता है। इससे व्यक्ति राशन भले न ले सके लेकिन उसके पास एक पहचान पत्र होगा।' 

नागरिकता संशोधन विधेयक को #JDU का समर्थन, प्रशांत किशोर नाखुश 

बनर्जी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि ममता परेशान हैं क्योंकि एनआरसी लागू होने से उनका अल्पसंख्यक वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। बसु ने कहा, 'वह (ममता बनर्जी) नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध क्यों कर रही हैं? ऐसा प्रतीत होता है कि वे हिन्दू शरणार्थियों के लिए नागरिकता नहीं चाहतीं। उन्हें स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि हिन्दू शरणार्थियों के लिए नागरिकता चाहती हैं या नहीं।'

चुनावी बांड को लेकर अशोक गहलोत ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.