Sunday, Dec 15, 2019
mamta banerjee calls demonetisation a futile step

ममता बनर्जी ने नोटबंदी को बताया व्यर्थ कदम, कहा- अर्थव्यवस्था पर पड़ा नकारात्मक प्रभाव

  • Updated on 11/8/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि 2016 में आज के दिन सरकार द्वारा उठाया गया नोटबंदी का कदम पूरी तरह से निरर्थक था और इससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।      नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें शुरू से ही पता था कि इस फैसले से लाखों लोगों का जीवन बर्बाद हो जाएगा।

ममता ने ट्वीट किया, आज नोटबंदी आपदा को तीन साल पूरे हो गए। घोषणा के कुछ ही मिनटों बाद मैंने कहा था कि यह अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों की जिंदगियों को बर्बाद कर देगा। मेरी उस बात से प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, आम लोग और सभी विशेषज्ञ अब सहमत हैं। आरबीआई के आंकड़ों से भी पता चलता है कि यह एक निरर्थक फैसला था।’

उन्होंने आगे कहा ‘उस दिन जो आर्थिक आपदा शुरु हुई थी, देखिये वह अब कहां पहुंच चुकी है। बैंकों पर दबाव बढ़ गया है,अर्थव्यवस्था पूरी तरह मंदी में है। किसान, युवा,मजदूर, व्यापारियों से लेकर गृहिणियां ... हर कोई प्रभावित है। गौरतलब है कि बनर्जी ने इस वर्ष की शुरुआत में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान नोटबंदी की जांच कराने का वादा किया था।

नोटबंदी की पहली सालगिरह पर, उन्होंने विरोध में अपनी ट्विटर डिस्प्ले तस्वीर काली कर दी थी। कई मौकों पर, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आरोप लगाया है कि नरेंद्र मोदी सरकार का यह कदम एक बड़ा घोटाला’ था, जिसका लाभ केवल मुट्ठी भर लोगों को मिला।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी पर अपने संबोधन में आठ नवंबर, 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से हटाए जाने का ऐलान किया था। मोदी ने कहा था कि यह फैसला काले धन, आतंक के वित्त पोषण और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए किया गया था।

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