Wednesday, Jun 16, 2021
-->
mamta banerjee is afraid of alienating hindu voters my gotra shandilya bjp reversed prshnt

हिंदू वोटर्स छिटकने का डर! रैली में बोलीं ममता बनर्जी- मेरा गोत्र शांडिल्य

  • Updated on 3/31/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में दूसरे फेज का मदतान कल यानी एक अप्रैल को होना है, ऐसे में नंदीग्राम सीट पर हाई-वोल्टेज इलेक्शन होने वाला है। इस सीट पर चुनाव में राज्य के दो दिग्गज नेता सीएम ममता बनर्जी और कभी इनके करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी इस बार बीजेपी से उम्मीदवार हैं, दोनों ही अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। पूरे चुनावी कैंपेन में शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी के अन्य नेता ममता बनर्जी पर अल्पसंख्यक वोटों के लिए तुष्टिकरण करने का आरोप लगाते रहे हैं।

आखिरी मौका:गाड़ी खरीदने का है प्लान तो जल्द करें, नहीं तो चुकानी पड़ेगी अधिक कीमत

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर जमी सबकी निगाहें
वहीं पश्चिम बंगाल और असम में 1 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार मंगलवार देश शाम थम गया। इस चरण में असल महासंग्राम पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हैं, जहां दीदी (ममता बनर्जी) बनाम दादा (शुभेंदु अधिकारी) के बीच कड़ा मुकाबला है। सबकी निगाहें अब इसी मुकाबले पर हैं। इस सीट को जीतने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दिलचस्प मुकाबला असम में भी है, जहां सोनोवाल सरकार के कई मंत्रियों और पूर्व डिप्टी स्पीकर के भाग्य का फैसला मतदाता करेंगे।

पश्चिम बंगाल के पूर्बी मेदनीपुर की नंदीग्राम विधानसभा सीट इस चरण की सबसे हॉट सीट है। यहीं मु यमंत्री ममता बनर्जी का अपने ही परिवहन मंत्री और खास सिपहसालार रहे शुभेंदु अधिकारी से है। शुभेंदु ने चुनाव की तिथियां घोषित होने लया था। दो बार सांसद रह चुके शुभेंदु 2016 में नंदीग्राम से विधायक बने थे। 

एजाज खान को ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने लिया हिरासत में

राज्य की सत्ता तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में
नंदीग्राम और शुभेंदु अधिकारी 2007 में उस वक्त चर्चाओं में आए थे, जब औद्योगिकीकरण के लिए राज्य की तत्कालीन वाम मोर्चे की बुद्धदेव भट्टाचार्य सरकार ने किसानों की जमीन अधिग्रहीत करने का फैसला लिया। सिंगूर और नंदीग्राम में किसानों ने इसका जमकर विरोध किया। इसी आंदोलन ने 2011 में 35 साल पुरानी वाम मोर्चे की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। इसके बाद से यह सीट और राज्य की सत्ता तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में है।

नंदीग्राम सीट पर अधिकारी परिवार का यहां एकछत्र राज है, लेकिन यहां मुस्लिम मतदाता चुनाव परिणाम में उलटफेर करने की भूमिका में हैं। नंदीग्राम सीट पर करीब 40 फीसद मुस्लिम मतदाता हैं। शुभेंदु के पाला बदल से नाराज ममता इस बार अपनी भवानीपुर सीट छोड़ नंदीग्राम में उतर पड़ी हैं और शुभेंदु को चुनौती दी है। 

असम में तीसरे चरण के तहत आज अमित शाह और राहुल गांधी करेंगे रैलीयां

शुभेंदु अधिकारी के लिए जमकर प्रचार
2016 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में 67 फीसद वोट तृणमूल कांग्रेस को मिले थे और भाजपा को मात्र 6 फीसद। 2019 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी का वोट शेयर 63 प्रतिशत रह गया, जबकि भाजपा को 39 फीसद वोट पड़े और कांग्रेस-वाम मोर्चे का कुल वोट शेयर 10 प्रतिशत रहा था। ममता को पटखनी देने के लिए प्रचार के अंतिम दिन नंदीग्राम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रैली की और अपने प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के लिए जमकर प्रचार किया। ममता ने भी कोई कसर नहीं छोड़ा और ठंडा-ठंडा, कूल-कूल, वोट फॉर तृणमूल करती हुई व्हीलचेयर पर बैठ कर पूरे इलाके में पदयात्रा की।असम में भी दूसरे चरण में कड़ा मुकाबला है। 

पीएम मोदी ने केरल की वाम सरकार पर बोला हमला

कचार जिले की 6 और करीमगंज जिले की दो सीटें
सोनोवाल सरकार में मंत्री पीयूष हजारिका (जागीरोड), परिमल शुक्ला बैद्य (धोलाई) भावेश कलीता (रांगिया) और डिप्टी स्पीकर रहे अमीनुल हक लस्कर के अलावा कांग्रेस उ मीदवार और पूर्व मंत्री गौतम राय (कटीगोराह) और भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सिल्चर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पूर्व डिप्टी स्पीकर दिलीप कुमार पौल के साथ पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सुम रोघांग (दीफू) के भाग्य का फैसला होना है। इस चरण में भी बराक वैली की 15 सीटें हैं। 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बांग्लादेश की सीमा से लगी कचार जिले की 6 और करीमगंज जिले की दो सीटें जीती थी।

असम में कांग्रेस ने एआईयूडीएफ, सीपीआई, सीपीआई(एम), सीपीआई(लेनिन), आंचलिक गण मार्च(एजीएम), बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के साथ मिलकर महागठबंधन महाजोत बनाया है। वहीं, भाजपा के साथ असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरेशन (यूपीपीएल) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। इनके बीच में जेल जा चुके सीएए एक्टिविस्ट अखिल गोगोई की रायजोर दल और असम जातीय परिषद का गठबंधन चुनौती दे रहा है। 

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.