Friday, May 07, 2021
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दार्जिलिंग हिंसा पर बोलीं ममता- आंदोलन के पीछे आतंकी दिमाग

  • Updated on 6/18/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज दावा किया कि अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जिलिंग की पहाडियों में जीजेएम के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन एक गहरी साजिश है जिसका समर्थन पूर्वाेत्तर के उग्रवादी समूह और कुछ दूसरे मुल्क कर रहे हैं।

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बनर्जी ने कहा कि पहाड़ी में अशांति के दौरान जिस तरह की गुंडागर्दी और तोडफ़ोड़ देखी जा रहा है उसे सिर्फ तभी अमली-जामा पहनाया जा सकता है जब उसके पीछे कोई आतंकवादी दिमाग हो और केंद्र को इसे रोकने के लिए राज्य को पूरी मदद देनी चाहिए।

बनर्जी ने राज्य सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, इस गुंडागर्दी और तोडफ़ोड़ के पीछे आतंकवादी दिमाग है। सिर्फ कोई आतंकवादी ही ऐसा कर सकता है। कोई साधारण आदमी ऐसा नहीं कर सकता है। उनका (जीजेएम) पूर्वाेत्तर के भूमिगत विद्रोही समूहों से संबंध है।

हमें सुराग मिला है कि इसका आतंकवादी संबंध है। मैं उनसे (विद्रोही समूहों से) अनुरोध करती हूं कि जीजेएम को कोई समर्थन नहीं दें। उन्होंने कहा कि जीजेएम की कुछ अन्य देश सहायता कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।

उन्होंने कहा, आज जो हो रहा है वह एक गहरी साजिश है। एक दिन में इतने सारे बम और हथियार नहीं जुटाए जा सकते हैं-इसे लंबे समय से जुटाया गया है। उन्होंने कहा,  जीजेएम को कहां से समर्थन मिल रहा है। उनका फायदा यह है कि (दार्जिलिंग) एक पहाड़ी क्षेत्र है और अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमा से यह लगा है।

उन्होंने कहा,  वे तोड़-फोड़ के लिए राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो वे नहीं कर सकते। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करूंगी कि उन्हें इस तरह से बर्ताव करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करें। अगर किसी विदेशी (पर्यटक) को कुछ भी होता है तो इससे देश की बदनामी होगी।

इस तरह के परिदृश्य में केंद्र और राज्य को मामले पर बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा, केंद्र को हमें अवश्य पूरा सहयोग देना चाहिए। दार्जिलिंग में आज सुबह पुलिस द्वारा गोलीबारी किए जाने की खबरों को खारिज करते हुए बनर्जी ने कहा, यह बिल्कुल गलत है। कोई पुलिस गोलीबारी नहीं हुई। वे हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, बम फेंक रहे हैं और इस तरीके से तोडफ़ोड़ में शामिल हैं।

उन्होंने कहा, मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि मेरे पत्रकार दोस्तों का अपहरण कर लिया गया है। उनकी जान खतरे में हैं। उन्होंने विदेशी पर्यटकों को जबरन होटल खाली करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं, जिसमें बंद को अवैध ठहराया गया है।

जीजेएम समर्थकों के कई सरकारी कार्यालयों में आग लगाने और जलापूर्ति लाइन को क्षति पहुंचाने पर उन्होंने पहाडियों में रसद की आपूर्ति को बरकरार रखने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, मैं लोगों को खिलाना चाहती हूं और मैं  चिंतित हूं कि पहाडियों में लोगों को हम कैसे राशन प्रदान करेंगे।

अखिल भारतीय गोरखा लीग के नेता मदन तमांग की हत्या में सीबीआई के जीजेएम के नेताओं को नामजद करने का उल्लेख करते हुए बनर्जी ने कहा कि जीजेएम प्रमुख बिमल गुरंग एक भ्रष्ट नेता हैं जो पहाडय़िों को बेचने का प्रयास कर रहे हैं और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं को बाधित कर रहे हैं।

उन्होंने पहाडियों के लोगों से अनुरोध किया कि वे गुरंग की बातों पर ध्यान नहीं दें और अनिश्चितकालीन बंद कर दें।  बनर्जी ने कहा कि जीजेएम ने हिंसा का रास्ता इसलिए अपनाया है क्योंकि जीटीए में उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है।

उन्होंने कहा, आपने जीटीए में पांच साल के कार्यकाल का आनंद उठाया है। अब जब आपका कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है तो  आपने हिंसा शुरू कर दी है क्योंकि आपने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार जीजेएम के साथ बातचीत करने को तैयार है तो मुख्यमंत्री ने कहा, हमने कई बार बातचीत की है। लेकिन, उन्हें पहले इसे वापस लेना होगा और सामान्य स्थिति  बहाल करनी होगी। राजनैतिक दल किसी भी अन्य पार्टी से चर्चा कर सकती है। राज्य सरकार किसी भी सरकारी एजेंसी के साथ बातचीत कर सकती है, लेकिन सरकार गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं कर सकती।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार जीजेएम नेता को गिरफ्तार करेगी तो बनर्जी ने कहा, कानून अपना काम करेगा। हम गुंडागुर्दी और तोडफ़ोड़ का समर्थन नहीं कर सकते हैं। हम उन्हें राष्ट्रीय ध्वज का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं।
इस बीच, राज्य सरकार ने आज पहाडय़िों में  काम कर रहे 15 विकास बोर्डों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ बैठक की, जिसने पहले ही लोगों से शांति कायम रखने की अपील करने के लिए एक समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री, अन्य मंत्री, मुख्य सचिव,  गृह सचिव सचिवालय में बैठक के दौरान मौजूद थे।

राज्य सरकार पहाडियों में शांति के लिए 22 जून को सिलिगुड़ी में सर्वदलीय बैठक करेगी। बनर्जी ने कहा, मैं पहाडियों में शांति की बहाली चाहती हूं। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री गौतम देव और लोक निर्माण मंत्री अरूप विश्वास पहाडियों का पूरा खयाल रखेंगे।

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