मंडी और आबकारी शुल्क से होगा गोवंश का कल्याण

  • Updated on 1/15/2019

देहरादून/ब्यूरो। गौ सेवा आयोग का प्रस्ताव परवान चढ़ा तो मंडी और आबकारी शुल्क से गौवंश संरक्षण और कल्याण होगा। आयोग ने प्रस्ताव पास किया है कि कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से लिये जाने वाले मंडी शुल्क और आबकारी शुल्क से प्राप्त होने वाली राशि में से एक प्रतिशत राशि गौवंश संरक्षण निधि में दी जाये।

मंगलवार को पशुपालन भवन मोथरोवाला में गौ सेवा आयोग कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि सड़कों पर घूमने वाले गौवंश की गणना कराई जाये। इसके लिएपशुपालन विभाग के निदेशक को निर्देश दिये गये। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सदस्य जगदीश गोयल, महंत प्रेमानंद गिरी, स्वामी कुलानंद स्वरूप, कामिनी कश्यप, अपर सचिव सुभाष चंद्रा, डीआईजी अजय रौतेला और पशुपालन निदेशक डॉ. केके जोशी  आदि उपस्थित थे।

अधिकारियों के नहीं आने पर जताई नाराजगी
आयोग की बैठक में अधिकारियों के नहीं आने पर नाराजगी जताई गई। बैठक में पशुपालन, दुग्ध विकास और कृषि विभाग के सचिव नहीं आये। शहरी विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक भी बैठक में नहीं पहुंचे। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत ने इस पर नाराजगी जाहिर की।

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