Sunday, Nov 28, 2021
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राज्यपाल कोटे से MLC पद नहीं मिलने पर मांझी और सहनी नाराज, उपेक्षा का लगाया आरोप

  • Updated on 3/18/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बिहार में राजनतीकि घमासान सिर्फ सत्ता पक्ष और विपक्ष में ही नहीं दिखता है बल्कि एनडीए में भी एक बार फिर सहयोगी दलों में तालमेल का अभाव देखा गया। दरअसल राज्यपाल कोटे से मनोनीत किये गए सभी 12 एमएलसी में बीजेपी और जदयू का ही दबदबा रहा। जिससे हम पार्टी और वीआईपी पार्टी ने नाराजगी व्यक्त की है।

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बता दें कि जदयू ने जहां अपने कोटे के 6 सीटों पर उपेंद्र कुशवाहा,अशोक चौधरी,संजय सिंह,संजय गांधी,ललन सर्राफ,राम वचन राय को उच्च सदन पहुंचाया है। तो वहीं सहयोगी दल बीजेपी ने भी अपने 6 नेताओं को राज्यपाल कोटे से MLC बनाया है। जिसमें राजेंद्र गुप्ता,प्रमोद राजवंशी,जनक राम,देवेश कुमार, निवेदिता सिंह,घनश्याम ठाकुर का नाम शामिल है। लेकिन इससे इतर एनडीए के दो छोटे दल हम और वीआईपी को एक भी सीट नहीं देने से गठबंधन में दरार साफ देखा जा सकता है। 

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मालूम हो कि जदयू ने हाल ही में रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के जदयू में शामिल होने पर उन्हें विधान परिषद भेजा है। इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा बिहार के उन  नेताओं में शामिल हो गए है जो सभी चारों सदनों के सदस्य होने का गौरव हासिल कर लिये है।

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